कुंदन कुमार, पटना। बिहार समेत पूरे देश में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा है। इस हड़ताल के कारण राज्य की करीब 3,000 सार्वजनिक और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसमें लगभग 63,000 कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। बैंक शाखाओं के काउंटर और चेक क्लीयरेंस जैसी सेवाएं ठप रहने से ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

​पांच दिवसीय बैंकिंग और लंबित मांगें

​बैंककर्मी सप्ताह में पांच दिन की कार्य प्रणाली लागू करने समेत अपनी कई पुरानी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठनों का तर्क है कि मई 2015 के समझौते के तहत दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया था, तथा अन्य शनिवारों को भी चरणबद्ध तरीके से अवकाश घोषित करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद मार्च 2024 के वेतन समझौते में भी सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी, जिसके एवज में कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने पर रजामंदी दी थी। वित्त मंत्रालय को अनुशंसा भेजे जाने के बावजूद ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह मामला लंबित है।

​अन्य प्रमुख मांगें और सुलह बैठक की असफलता

​कर्मचारियों की ओर से पर्याप्त क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती के अलावा कई अन्य वित्तीय व सेवा से जुड़ी मांगें भी उठाई जा रही हैं। इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, पेंशन अपडेशन, पेंशन पर महंगाई भत्ते में सुधार, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बीमा का प्रीमियम बैंकों द्वारा वहन किया जाना शामिल है। मुख्य श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई सुलह बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल पर जाने के लिए विवश हुए हैं।

​ग्राहकों पर प्रभाव और आगे की चेतावनी

​हड़ताल के कारण आमने-सामने की बैंकिंग सेवाएं तो प्रभावित हुई हैं, लेकिन यूपीआई (UPI) और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। हालांकि, लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रहने की स्थिति में एटीएम में कैश की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। 11 सितंबर की इस हड़ताल के तुरंत बाद 12 और 13 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बैंकिंग कामकाज लगातार तीन दिन तक प्रभावित रहेगा। यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला, तो कर्मचारी संगठनों ने 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।