कुंदन कुमार/ पटना। अपने बेबाक बयानों और तीखे तेवरों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेजतर्रार नेता और बिहार के पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली हैं। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक ने पटना के पाटिलपुत्र थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिया है, और पुलिस ने इस मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।

दोनों मोबाइल नंबरों पर आए धमकी भरे कॉल्स
पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन में हरिभूषण ठाकुर बचौल ने पूरी घटना का विवरण साझा किया है। हरिभूषण ठाकुर बचौल ने लिखित शिकायत की है कि 25 जुलाई की रात की है जब वे पटना स्थित अपने आवास ग्रीन हेरिटेज, सिद्धेश्वरनगर के सी ब्लॉक स्थित फ्लैट संख्या 206 में मौजूद थे। रात को लगभग 8 बजकर 46 मिनट पर उनके मोबाइल फोन पर लगातार कॉल्स आने लगे। हैरानी की बात यह है कि धमकी देने वाले ने उनके दोनों चालू नंबरों पर एक साथ संपर्क साधने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने फोन कॉल रिसीव किया, दूसरी तरफ से अशुद्ध भाषा और गालियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई।
ट्रू कॉलर से हुआ नाम का खुलासा और मिस्ड कॉल्स
पूर्व विधायक ने पुलिस को बताया कि केवल बातचीत ही नहीं, बल्कि संबंधित मोबाइल नंबरों से उन्हें कई बार मिस्ड कॉल्स भी परेशान करने के लिए किए गए थे। जब उन्होंने उस संदिग्ध नंबर की जांच डिजिटल माध्यम यानी ‘ट्रू कॉलर’ ऐप पर की, तो कॉलर का नाम ‘मो इमानुल’ लिखकर सामने आया। पुलिस अब इसी सुराग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर आरोपी की पहचान पुख्ता करने में जुटी है।
साल 2022 में भी मिल चुकी है ऐसी ही धमकी
यह कोई पहला मौका नहीं है जब हरिभूषण ठाकुर बचौल को इस प्रकार के डराने वाले कॉल मिले हों। इसके पहले वर्ष 2022 में भी उन्हें इसी तरह से जान से खत्म करने की साजिश रची गई थी। उस वक्त उन्होंने पटना के सचिवालय थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने उस दौरान कहा था कि वे मधुबनी से पटना की यात्रा कर रहे थे और जब उनकी गाड़ी मुजफ्फरपुर के पास पहुँची थी, तब उनके पास एक धमकी भरा फोन आया था। फोन करने वाले ने न केवल उन्हें बल्कि उनके पूरे परिवार को नेस्तनाबूद करने की धमकी दी थी।
वैचारिक रुख और राष्ट्रवाद के चलते मिल रही हैं धमकियां
पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बचौल ने तब स्पष्ट किया था कि उन्हें यह धमकियां क्यों मिल रही हैं। उन्होंने कहा था कि वे केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ के प्रबल समर्थक हैं और खुलकर इसके पक्ष में खड़े रहते हैं। उन्होंने बेबाकी से कहा था कि वे हमेशा जिहादियों, उन्मादियों और उपद्रवी तत्वों के कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाते आए हैं, और यही कारण है कि असामाजिक तत्व उन्हें निशाना बना रहे हैं। पूर्व विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा था कि वे इन धमकियों से बिलकुल भी डरने वाले नहीं हैं। राष्ट्रहित के मुद्दों, अग्निपथ योजना के समर्थन और दंगाइयों के विरोध में उनकी आवाज हमेशा बुलंद रहेगी और कोई भी ताकत उनकी आवाज को दबा नहीं सकती है। फिलहाल, पाटिलपुत्र थाना पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद मामले की तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी यह मामला बेहद संवेदनशील बन गया है, और पुलिस जल्द ही आरोपी कॉलर तक पहुंचने का दावा कर रही है।


