पटना। ​बिहार के प्रशासनिक ढांचे को आज एक नई गति और ऊर्जा मिली है। बापू सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के नए अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से चयनित कुल 2027 नए अधिकारियों ने अपनी सेवा की शुरुआत कर दी है। इस अवसर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने नव-नियुक्त अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा का संकल्प दिलाया।

​मुख्यमंत्री का संदेश: फाइल पर आपका एक हस्ताक्षर बदल सकता है किसी का जीवन

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस पूरी चयन प्रक्रिया को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि BPSC के इतिहास में यह एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए कहा कि वे जिस भी फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे, उससे सीधे तौर पर किसी न किसी परिवार का भला जुड़ा होगा।
​उन्होंने कहा कि इस नौकरी से न केवल उनके अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर ही बिहार की प्रगति निर्भर करती है। अधिकारी जितने अधिक ईमानदार और पारदर्शी होंगे, बिहार उतनी ही तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।

​राजनीतिक प्रतिक्रिया और रोजगार के मुद्दे पर चर्चा

​इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने वर्ष 2005 से पहले की प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में सरकारी नौकरियों की कल्पना करना भी मुश्किल हुआ करता था। लेकिन जब से एनडीए की सरकार ने कमान संभाली, तब से युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुले। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान नेतृत्व में युवाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे।

​परीक्षा परिणाम से जुड़ी मुख्य बातें

​बिहार लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा का अंतिम परिणाम 20 जून 2026 को घोषित किया था। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 2035 पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं, जिनमें से 2027 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन सफलतापूर्वक कर लिया गया। हालांकि, दिव्यांग श्रेणी के योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध न हो पाने के कारण कुल 8 पद खाली रह गए, जिन पर भविष्य में नियमनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
​इस प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने कुल 593 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया। उनके बाद शशांक गौरव और आयुष विजॉय ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। इन दोनों ही मेधावी अभ्यर्थियों को 592-592 अंक मिले थे, जिसके बाद निबंध में प्राप्त अंकों के आधार पर उनकी सटीक रैंक तय की गई।