कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कैबिनेट की बैठक में 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। इन फैसलों में आधारभूत संरचना, पर्यटन, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया है।

​पर्यटन और संस्कृति को नई उड़ान

​राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026’ को मंजूरी दी गई है। इसके माध्यम से प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच सुगम होगी। साथ ही, वैशाली स्थित ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप’ के बेहतर संचालन और अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए एक विशिष्ट समिति का गठन किया गया है।

​प्रशासनिक और भर्ती नियमों में बदलाव

​युवाओं के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए स्टेनोग्राफर (आशुलिपिक) भर्ती नियमों में संशोधन किया है। अब सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है और परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) को 2 वर्ष से कम करके 1 वर्ष किया गया है। इसके अलावा, बिहार विधानसभा सचिवालय के निदेशक राजीव कुमार का कार्यकाल 30 जून 2027 तक बढ़ा दिया गया है।

​खनन और पर्यावरण संरक्षण

​राज्य की नदियों सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन में बालू की उपलब्धता का वैज्ञानिक अध्ययन कराने के लिए 2.32 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में बालू खनन की अनुमति दी जाएगी। वहीं पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी से पूर्व योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए बिहार राज्य खनन निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

​अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • ​स्वास्थ्य: बिहार राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा परिषद की नियमावली 2026 को मंजूरी।
  • ​आवास: ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को भूमि अधिग्रहण और निवेश हेतु शक्तियां दी गई हैं।
  • ​सुरक्षा: गया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की आरक्षित वाहिनी की स्थापना के लिए 50 एकड़ सरकारी भूमि नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
  • ​न्याय: बेनीपट्टी (मधुबनी) व्यवहार न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के नए पद का सृजन।
  • ​वित्तीय सहायता: अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम के लिए 21.95 करोड़ की स्वीकृति।
  • ​सेवा संहिता: महाधिवक्ता कार्यालय को कार्याध्यक्षों की सूची से हटाने का निर्णय।