पटना। बिहार में आधारभूत संरचनाओं के विकास, रोजगार सृजन और खेलकूद को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हाल ही में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है, जिसके बाद सरकार की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए आधिकारिक घोषणाएं कर दी गई हैं। इन फैसलों से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

​समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS): आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22,000 पदों पर होगी बहाली

​राज्य में महिला एवं बाल विकास को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका और सहायिका के रिक्त पड़े कुल 22,000 पदों पर नई बहाली प्रक्रिया को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से राज्य के दूरदराज के इलाकों में कुपोषण की रोकथाम और बच्चों की शुरुआती शिक्षा की व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा, साथ ही ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

​जमुई में सड़क और पुल निर्माण: एनएच-333ए पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों का होगा निर्माण

​पथ निर्माण विभाग ने जमुई जिले के विकास को गति देने के लिए एनएच-333ए पर दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

  • ​नरियाना घाट पुल: खैरा-सोनो पथ के 72वें किलोमीटर पर क्यूल नदी स्थित नरियाना घाट पर लगभग 93.82 करोड़ की लागत से एक नए और आधुनिक पुल का निर्माण कराया जाएगा।
  • ​मंगोबंदर-सुकनर नदी पुल: इसी क्रम में, खैरा-सोनो पथ के 80वें किलोमीटर पर मंगोबंदर-सुकनर नदी पर 55.96 करोड़ की लागत से एक अन्य नए पुल का निर्माण किया जाएगा।

​इन दोनों परियोजनाओं के पूरा हो जाने से क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे आवागमन पूरी तरह सुगम बन जाएगा। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर व्यापार, कृषि गतिविधियों और आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है। राज्य सरकार आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत अवसंरचना के निर्माण के लिए लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कृषि और सहकारिता क्षेत्र: सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के लिए 106.39 करोड़ मंजूर

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत एक बड़ा वित्तीय पैकेज स्वीकृत किया गया है। वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और उसके विस्तार के लिए कुल 106.39 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।

​इस योजना के तहत यह प्रमुख कार्य किए जाएंगे:

  • ​प्रखंड स्तर पर आधुनिक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
  • ​प्राथमिक एवं अन्य सहकारी समितियों को सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त कार्यशील पूंजी प्रदान की जाएगी।
  • ​किसानों की उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाने के लिए रीफर वाहनों (शीतित वाहन) की विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी।
  • ​इस योजना से राज्य के सब्जी उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और बाजार तक उनकी पहुंच भी आसान होगी।

​खेलकूद को बढ़ावा: बिहार खेल नीति 2026 को मिली सैद्धांतिक और प्रशासनिक स्वीकृति

​बिहार के युवाओं में खेलकूद की संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ‘बिहार खेल नीति 2026’ को आधिकारिक रूप से स्वीकृति दे दी है। इस नई नीति के तहत राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से ‘बिहार राज्य खेल छात्रवृत्ति योजना’ और व्यापक स्तर पर ‘प्रतिभा पहचान कार्यक्रम’ का क्रियान्वयन किया जाना है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उचित वित्तीय सहायता, बेहतरीन खेल प्रशिक्षण और उच्च स्तर की खेल सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे वे विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बिहार का नाम रोशन कर सकेंगे।
​सरकार के इन तमाम फैसलों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन राज्य के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और युवा सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह गंभीर है। इन सभी योजनाओं के धरातल पर उतरने से बिहार विकास के नए सोपान तय करेगा।