पटना/ दिल्ली। बिहार की कमान संभालने के छह दिन बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। आज शाम 4 बजे के बाद उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात होने वाली है। इस मुलाकात को बिहार की नई सरकार के भविष्य और आगामी रणनीतियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार और शीर्ष नेताओं से विमर्श
प्रधानमंत्री से मिलने से पूर्व सम्राट चौधरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (खबर में उल्लेखित नितिन नवीन भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रभारी हैं) और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र बिहार में लंबित मंत्रिमंडल विस्तार है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रियों के नामों और विभागों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन जाएगी।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
एक ओर जहां सम्राट चौधरी दिल्ली में गठबंधन को मजबूती दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर तीखा तंज कसा है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी की नैतिकता और राजनीतिक अतीत पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘विचारहीन और सिद्धांतहीन’ करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा
दिल्ली प्रस्थान से पहले सम्राट चौधरी पटना में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में शामिल हुए। यहां उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष को जमकर कोसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी पूरे देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की सोचते हैं, जबकि विपक्षी दल केवल अपने परिवार की महिलाओं (बेटी-पत्नी) को ही राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते हैं।
महिला सशक्तिकरण का संकल्प
सम्राट चौधरी ने दावा किया कि यदि महिला आरक्षण बिल प्रभावी होता है, तो बिहार विधानसभा में 122 महिला विधायक चुनकर आएंगी। उन्होंने पंचायती राज में दिए गए 50% आरक्षण का हवाला देते हुए कहा कि एनडीए सरकार महिलाओं को नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास के साथ-साथ अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
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