पटना। बिहार कांग्रेस ने राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे और हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ विवाद के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू समेत कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर दलितों के अपमान का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

​हल्द्वानी विवाद और शुद्धीकरण का मुद्दा

​हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के संपन्न होने के बाद वहां कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस घटना से देश भर के दलित समुदायों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद मैदान को अपवित्र मानकर धोना समाज में गहरी मानसिकता और जातीय उन्माद को दर्शाता है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ऐसी कई पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया, जहां दलितों के मंदिर प्रवेश या हस्तियों के जाने के बाद परिसरों को शुद्ध करने के नाम पर अपमानित किया गया।

​राहुल गांधी पर एफआईआर और भाजपा पर तीखे हमले

​दलित उत्पीड़न और इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का पार्टी ने पुरजोर विरोध किया है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से भाजपा और आरएसएस लगातार संविधान और दलित अधिकारों को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब जीतन राम मांझी के मंदिर जाने के बाद उसे धोया गया था, तब तो कोई चुनाव नहीं था, इसलिए इसे चुनावी चश्मे से देखना पूरी तरह अनुचित है। राजेश राम ने दावा किया कि भाजपा के शासनकाल में दलितों का अपमान सबसे ज्यादा हुआ है और सत्ताधारी दल दलित नेताओं को सुनियोजित तरीके से नीचा दिखाने का प्रयास कर रहा है।