Bihar news: ​बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आज दूसरा और अंतिम चरण संपन्न हो रहा है। राज्य के 38 जिलों में बनाए गए 500 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5.52 लाख अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। प्रवेश प्रक्रिया के बाद केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए हैं।

​ट्रेनों में कब्जा और एसी कोच में तोड़फोड़

​परीक्षा के लिए उमड़ी भीड़ के कारण रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हटिया से पूर्णिया कोर्ट जाने वाली कोसी एक्सप्रेस के एसी कोच में परीक्षार्थी जबरन घुस गए। अत्यधिक भीड़ के कारण कोच का एसी सिस्टम फेल हो गया, जिससे आक्रोशित होकर छात्रों ने कोच बी-4 के दो शीशे और बाथरूम का शीशा तोड़ दिया। यही नहीं, राजेंद्रनगर स्टेशन पर भी एक खिड़की का शीशा जबरन निकाल लिया गया।

​भभुआ इंटरसिटी में अफरा-तफरी

​भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस का हाल सबसे बुरा रहा। ट्रेन में क्षमता से कहीं अधिक भीड़ होने के कारण तारेगना स्टेशन पर कई यात्री अंदर तक नहीं घुस सके। कोच के भीतर उमस और दमघोंटू माहौल के कारण कई यात्री बेहोश हो गए। स्थिति तब और बिगड़ी जब परसा से महुली के बीच भीड़ से परेशान यात्रियों ने बार-बार चेन पुलिंग की। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने ट्रेन पर पथराव भी किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

​स्टेशनों पर रात बिताने को मजबूर अभ्यर्थी

​परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए रेलवे ने 30 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, लेकिन भीड़ का दबाव इतना था कि परीक्षार्थियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। होटलों में जगह न मिलने के कारण पटना, मुजफ्फरपुर, सीवान और मधुबनी सहित राज्य के दर्जनों रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म ही परीक्षार्थियों का ठिकाना बन गए। हजारों छात्र खुले आसमान के नीचे या स्टेशन के फर्श पर रात बिताने को मजबूर हुए। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि अंतिम चरण की यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।