कुंदन कुमार/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विस्तृत मैराथन बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव के साथ-साथ राज्य के वरीय पुलिस अधिकारी और विभिन्न विभागों के शीर्ष प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की वर्तमान चुनौतियों और आगामी मौसम संबंधी आपदाओं के लिए समय रहते ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।

​श्रावणी मेला और कानून-व्यवस्था पर प्राथमिकता

​बैठक के शुरुआती चरण में ‘श्रावणी मेला’ की तैयारियों को लेकर व्यापक विमर्श किया गया। सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाले कांवरियों की सुरक्षा, मार्ग व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके तत्काल बाद, राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था (Law and Order) की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।

​भीषण गर्मी और पेयजल संकट पर समीक्षा

​राज्य के कई जिलों में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि कई क्षेत्रों में नलकूप और चापाकल सूखने के कारण पेयजल का भारी संकट उत्पन्न हो गया है। इसे देखते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य चलाने और जहां आवश्यकता हो, टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

​संभावित बाढ़ और सुखाड़ के लिए तैयारी

​राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, बैठक में आगामी मानसून के दौरान संभावित ‘बाढ़’ और ‘सुखाड़’ की दोहरी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्राट चौधरी ने जल संसाधन और आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि तटबंधों की मजबूती और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर अभी से पूरी मुस्तैदी बरती जाए। सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए भी वैकल्पिक सिंचाई साधनों और कृषि कार्यों के लिए बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। इस मैराथन बैठक के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।