अनुज पांडेय/गोपालगंज। जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी एक प्रशासनिक अधिकारी सीओ की कार्यशैली पर बेहद नाराज नजर आ रहे हैं और उन्होंने मंच से ही अधिकारी की जमकर क्लास लगा दी। मंत्री ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि जनता के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सहयोग शिविर में भड़के मंत्री
यह पूरा मामला बैकुंठपुर में आयोजित एक सरकारी ‘सहयोग शिविर’ का है, जहां जनता की समस्याओं और आवेदनों का निपटारा किया जा रहा था। कार्यक्रम के दौरान मंच पर गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच, जब बैकुंठपुर के अंचलाधिकारी मंच से आवेदनों के निस्तारण को लेकर अपनी रिपोर्ट दे रहे थे, तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी उनकी बात सुनकर बिफर पड़े।
कागजों पर खेल अब नहीं चलेगा
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने तुरंत माइक संभाला और अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता के आवेदनों को केवल कागजों पर ‘डिस्पोज’ दिखाने का खेल अब बिहार में नहीं चलेगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि काम नहीं कर सकते हैं तो इस्तीफा देकर घर चले जाइए, सरकार को ऐसे लापरवाह अधिकारियों की बिल्कुल जरूरत नहीं है।मंत्री ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर कड़ा प्रहार करते हुए सांकेतिक लहजे में चेतावनी दी, दीपावली के दिन ही लक्ष्मी जी को याद कीजिएगा, उससे पहले याद किया तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। अपने अधीनस्थ सभी लोगों को बता दीजिए कि इस मामले में किसी की पैरवी नहीं चलेगी।
सस्पेंशन की चेतावनी और 12 घंटे का अल्टीमेटम
शिक्षा मंत्री ने मंच पर मौजूद जिलाधिकारी की तरफ इशारा करते हुए अधिकारी को डीएम के पावर का अहसास कराया। उन्होंने कहा, डीएम का पावर जानते हैं ना अगर इन्होंने लिख दिया तो तुरंत सस्पेंड हो जाओगे। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि पिछली बार भी इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी थी, लेकिन तब उन्होंने खुद बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था, पर अब दोबारा ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या वाकई जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान हुआ है या सिर्फ झूठी रिपोर्ट बनाई गई है? उन्होंने अधिकारी को 12 घंटे के भीतर सभी लंबित आवेदनों के वास्तविक निष्पादन की रिपोर्ट सौंपने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। इस घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

