कुंदन कुमार/पटना। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग में व्याप्त कमियों को दूर करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने कार्यभार संभालने के साथ ही यह संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में शिक्षा क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
30 दिनों में आएगा बीएड परीक्षा का रिजल्ट
शिक्षा मंत्री ने उन लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है जो बीएड प्रवेश परीक्षा के परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने आधिकारिक घोषणा की है कि परीक्षा परिणाम को लेकर किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाएगी। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद अधिकतम 30 दिनों के भीतर हर हाल में रिजल्ट घोषित किया जाए, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र बाधित न हो।
कोचिंग संस्थानों को चेतावनी: विवादों का अड्डा नहीं
पिछले कुछ समय से कोचिंग संस्थानों में पनप रहे विवादों और उनमें छात्रों की भागीदारी पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कोचिंग संस्थान शिक्षा के मंदिर हैं उन्हें विवादों का अखाड़ा या अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी कोचिंग संचालक शैक्षणिक माहौल को खराब करने या किसी प्रकार के विवाद में शामिल पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों को राजनीति से दूर रखने की अपील
मिथिलेश तिवारी ने कोचिंग संचालकों और शिक्षकों को नसीहत दी कि वे छात्रों को अनावश्यक विवादों और प्रदर्शनों से दूर रखें। उनका मुख्य उद्देश्य केवल पठन-पाठन होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कोचिंग में सिर्फ और सिर्फ शिक्षा की बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात सभी को समझनी होगी कि युवाओं का भविष्य शिक्षा से संवरता है, न कि विवादों में उलझने से। शिक्षा विभाग भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षण संस्थानों की मर्यादा बनी रहे।

