Bihar Floods: बिहार में गंगा, गंडक, कोसी और सोन समेत कई नदियों का पानी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन बाढ़ की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। राज्य के 13 जिलों की 423 ग्राम पंचायतों में करीब 27.01 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। कटिहार, भागलपुर और खगड़िया में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा
भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन, लालाबाग प्रोफेसर कॉलोनी और हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया है। पानी भरने से विश्वविद्यालय के करीब एक दर्जन विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ है।
भागलपुर में अकबरनगर के भवनाथपुर के पास NH-80 पर करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। पानी भरने के कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क पर पानी का बहाव होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जलमग्न रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
कटिहार में 2.78 लाख लोग प्रभावित
कटिहार में भी बाढ़ का दायरा बढ़ा है। गंगा, कोसी, महानंदा और बरंडी समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिले में बाढ़ जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। जिले के कई गांव जलमग्न होने से करीब 2.78 लाख लोग लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लोगों के घरों में पानी पहुंचने के कारण उनके सामने भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो चुकी है। वहीं, खेत में लगी फसल के साथ पशुओं का चारा भी डूब गया है, जिससे उनके मवेशियों को खिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं बचा है। महानंदा नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है।
जलस्तर घटने से राहत की उम्मीद
लखीसराय के चार प्रखंडों की 75 पंचायतों में करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सहरसा के दो प्रखंडों के करीब आधा दर्जन गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचा हुआ है। हालांकि, सोन नदी के जलस्तर में सोमवार को कमी दर्ज की गई है। हालांकि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गंगा का पानी लगातार कम हुआ तो आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। पटना के आसपास भी गंगा, सोन और पुनपुन के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
मोकामा में फंसी अधिकारियों की टीम
उधर मोकामा के डुमरा-जंजीरा दियारा में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंची अधिकारियों की टीम ही मुश्किल में फंस गई। मोटर खराब हो जाने के कारण अधिकारी करीब 55 मिनट तक गंगा की लहरों के बीच फंसे रहे। बाद में रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हालांकि नदियों का पानी कम होने के बावजूद बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का असर बना हुआ है। बड़ी आबादी अभी भी पानी से घिरी है। कई जगह सड़कें, शिक्षण संस्थान और अन्य सार्वजनिक जगहें प्रभावित हैं, जिससे लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
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