पटना। बिहार के सरकारी गलियारों से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशियों वाली खबर आई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सम्राट कैबिनेट की बैठक में बुधवार को राज्य के करीब 9 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर अपने कर्मियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब राज्यकर्मियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है।

​1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम

​सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला वित्तीय वर्ष के शुरुआती दौर से ही प्रभावी माना जाएगा। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। इसका सीधा अर्थ है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर (बकाया राशि) भी प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट की इस बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें वित्त विभाग का यह प्रस्ताव सबसे प्रमुख रहा।

​वेतन वृद्धि का पूरा गणित: किसे कितना फायदा?

​इस बढ़ोतरी का लाभ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारियों तक को मिलेगा। वेतन वृद्धि के आंकड़ों को समझें तो:

  • ​निचला स्तर: राज्य में जिन कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Salary) 27,000 रुपए है, उनके वेतन में हर महीने 540 रुपए की निश्चित वृद्धि होगी।
  • ​शीर्ष स्तर: वहीं, 2.25 लाख रुपए मूल वेतन पाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के मासिक वेतन में 4,500 रुपए का इजाफा देखने को मिलेगा।
  • ​यह वृद्धि कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बढ़ाने और महंगाई के दौर में उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

​पेंशनभोगियों के लिए भी राहत की बौछार

​राज्य सरकार ने केवल सेवारत कर्मचारियों का ही ध्यान नहीं रखा, बल्कि रिटायर्ड कर्मियों यानी पेंशनर्स को भी बड़ी सौगात दी है। इसी फॉर्मूले के आधार पर पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में भी सम्मानजनक वृद्धि की गई है। आंकड़ों के अनुसार, पेंशनभोगियों को उनकी श्रेणी के आधार पर प्रतिमाह 250 रुपए से लेकर 2,200 रुपए तक का अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित किया गया है।

​कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

​बुधवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल डीए ही नहीं, बल्कि विकास और प्रशासन से जुड़े कुल 19 एजेंडों को स्वीकृति दी गई। सरकार के इस कदम से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ तो पड़ेगा, लेकिन इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही थी।