राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को जल्द ही एक सौगात मिलने जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अब बच्चों को स्कूल ड्रेस के लिए पैसे देने या कपड़ा बांटने के बजाय सीधे सिली-सिलाई यूनिफॉर्म दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके सीधे निर्देश जारी कर दिए हैं।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले ही प्रदेश के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से 2 जोड़ी सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे सत्र के पहले दिन से ही बच्चे पूरी तैयारी के साथ स्कूल आ सकें।

तय समय सीमा में मिलेगी यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तम निगम को जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारियों में जुट गया है। बच्चों को यूनिफॉर्म मिलने में किसी भी तरह की देरी न हो इसके लिए एक समय सीमा तय की जा रही है। यूनिफॉर्म बांटने संबंधी पूरी निविदा (Tender) प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज गति से पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है।

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‘क्वालिटी सो ना हो समझौता’- CM

सरकारी योजनाओं में मिलने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर उठने वाले सवालों पर मुख्यमंत्री ने पहले ही कड़ा रुख अपना लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म की गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कपड़ों के फैब्रिक से लेकर सिलाई तक की बारीकी से जांच होगी और घटिया सामग्री देने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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