पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा और औद्योगिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए नई नियमावली बनाने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने का खाका तैयार कर लिया है।

​कोचिंग संस्थानों पर सरकार की सख्ती

​शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कोचिंग संचालकों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा। यह नियम उन विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा जिनकी औपचारिक शिक्षा पूरी हो चुकी है।
​इसके अलावा, प्रत्येक कोचिंग संस्थान के लिए अब अपने यहां अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों का विस्तृत विवरण जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग को इस संबंध में जल्द ही विस्तृत नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि शैक्षणिक वातावरण में पारदर्शिता बनी रहे।

​औद्योगिक विकास: 30 दिन में मिलेगी मंजूरी

​राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अब उद्योगों को लगाने के लिए आवश्यक सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस अधिकतम 30 दिनों के भीतर प्राप्त हो सकेंगे। इसके लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एक सशक्त ‘सिंगल नोडल एजेंसी’ के रूप में नियुक्त किया गया है।
​सरकार ने निवेशकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ की व्यवस्था लागू की है। यदि कोई भी विभाग 30 दिनों की समय सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो SIPB सचिवालय स्वतः ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ जारी कर देगा, जिसे मानना संबंधित विभाग के लिए बाध्यकारी होगा। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एकीकृत SOP लागू की जाएगी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सीधे सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

​सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण

​जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण में भी तेजी लाई है। आज राज्य के 1.12 करोड़ लाभार्थियों (बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग) के बैंक खातों में पेंशन राशि भेजी जा रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये प्रतिमाह किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है कि प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान हर हाल में हो जाना चाहिए।