​पटना। बिहार सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के तहत राज्य के लाखों जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के 94.29 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए मई माह की पेंशन राशि का हस्तांतरण किया। इस पहल के तहत राज्य सरकार ने कुल 1096.44 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी है।

​प्रतिबद्धता: समय पर पेंशन, लाभार्थियों को राहत

​पेंशन राशि के हस्तांतरण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं और समाज के अन्य वंचित वर्गों को समय पर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, ताकि उन्हें अपने दैनिक जीवन की जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

​राज्यव्यापी आयोजन: जिला और प्रखंड स्तर पर दिखी सक्रियता

​इस कार्यक्रम को केवल राज्य की राजधानी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसका व्यापक विस्तार किया गया। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और प्रखंडों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में हजारों की संख्या में पेंशनभोगी शामिल हुए। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक इस सरकारी सहायता की सूचना पहुंचे।

​बुनियादी सुविधाओं से लैस कार्यक्रम स्थल

​लाभार्थियों की सुविधा के लिए सभी आयोजन स्थलों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम स्थलों पर बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई गई थी, जिसके जरिए लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन और सीधे खाते में राशि आने की प्रक्रिया को लाइव देखा। भीषण गर्मी को देखते हुए लाभार्थियों के बैठने के लिए कुर्सियों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।
​प्रखंड स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने लाभार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
​इस पहल के माध्यम से बिहार सरकार ने एक बार फिर सुशासन और सेवाभाव का परिचय देते हुए यह सिद्ध किया है कि राज्य के विकास के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस राशि के अंतरण से लाखों परिवारों में हर्ष का माहौल है।