कुंदन कुमार/पटना। पटना में छात्रों के हालिया प्रदर्शन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया कर्मियों पर हुई हिंसक झड़पों और मारपीट की घटनाओं ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले राजधानी के प्रमुख डाकबंगला चौराहा पर भारी संख्या में पत्रकारों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यूनियन ने इस कायराना हरकत को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और अस्वीकार्य प्रहार करार दिया है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला निंदनीय
बुधवार को समाचार संकलन के दौरान उपद्रवी तत्वों द्वारा पत्रकारों और कैमरापर्सनों को निशाना बनाए जाने की घटना से मीडिया जगत में भारी रोष है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में दो टूक कहा कि ड्यूटी पर तैनात मीडिया कर्मियों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की तत्काल पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
राजनीतिक असंवेदनशीलता और अमर्यादित भाषा जिम्मेदार
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सचिव मुकुंद कुमार सिंह ने चिंता जताई कि हाल के दिनों में मीडिया पर हमलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके मूल कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक विमर्श में बढ़ती असंवेदनशीलता और अमर्यादित भाषा इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। राजनीतिक दलों और उनके नेताओं द्वारा मीडिया के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले आपत्तिजनक शब्द समाज में एक अवांछित अविश्वास का माहौल पैदा करते हैं। इसका सीधा खामियाजा मैदान में निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले जमीनी पत्रकारों और कैमरापर्सनों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ता है।
पत्रकारों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
मुकुंद कुमार सिंह ने आगे कहा कि पत्रकार विषम और कठिन परिस्थितियों में भी तमाम राजनीतिक दलों, संगठनों तथा जन आंदोलनों की आवाज़ को निष्पक्षता से जनता तक पहुंचाते हैं। ऐसे में नेताओं के निमंत्रण पर उनके कार्यक्रमों को कवर करने पहुंचे पत्रकारों को ही भीड़ द्वारा अपमानित करना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र, सुरक्षित और निर्भीक पत्रकारिता पहली शर्त है। यूनियन ने सभी राजनीतिक दलों से यह भी अपील की है कि वे सार्वजनिक रूप से अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दें कि वे मीडिया कर्मियों का सम्मान करें और उन्हें कभी भी निशाना न बनाएं।
इस विरोध प्रदर्शन और सभा में मुकुंद कुमार सिंह के साथ-साथ अनूप नारायण, आकाश कुमार, परमानन्द कुमार, कुंदन कुमार, पंकज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, दीपक कुमार, चन्द्रमोहन पांडे, सुरजीत कुमार, सच्चिदानंद, राकेश दुबे, प्रत्युष राय, सचिन तिवारी, कृष्ण नंदन, रितेश कुमार, कृपाशंकर, रजनीश कुमार, ब्रजेन्द्र मिश्रा, कुमुद रंजन, धर्मेंद्र सिन्हा, अक्षय किशोर, गोलू कुमार, शिव कुमार, कुंदन पांडेय, राजीव रंजन पाठक, सुधेंदु रमन, और सुजीत श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।


