अजय शास्त्री/बेगूसराय। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर राज्य की राजनीति का मुख्य केंद्र बन गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बेगूसराय और भोजपुर की हालिया घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। बेगूसराय सदर अस्पताल में गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​अपराध का तांडव और शासन की चुप्पी

​तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार आज अपराधियों के जंगलराज जैसी स्थिति से गुजर रहा है। बेगूसराय में महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद की गई बर्बरता ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां जनता अपराध के साये में जीने को मजबूर है वहीं मुख्यमंत्री वातानुकूलित कमरों में बैठकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उनके अनुसार, पुलिस को मिली खुली छूट का नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

​फर्जी इनकाउंटर का गंभीर आरोप

​सरकार की आलोचना करते हुए तेजस्वी यादव ने भोजपुर में भरत तिवारी की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी गरीबों के हक और अधिकारों के लिए मुखर होकर आवाज उठा रहे थे जिसके बदले में प्रशासन ने उनका फर्जी इनकाउंटर कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों को निशाना बना रही है जो व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। तेजस्वी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह सरकार आवाजों को दबाने के लिए इनकाउंटर का सहारा ले रही है जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।

​सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी

​तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस स्थिति में मूकदर्शक नहीं बना रहेगा। उन्होंने कहा विपक्ष ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय की मांग के लिए उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। तेजस्वी ने जोर दिया कि राज्य की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब सत्ताधारी दल को जरूर मिलेगा।
​बिहार की गिरती कानून-व्यवस्था पर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और राज्य में शांति बहाली के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।