कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद ने हाल ही में बीजेपी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण, पर्यावरण सुरक्षा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समाधान पर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया।

​एनडीए में ऑल इज वेल

​कृषि मंत्री विजय सिन्हा की कथित नाराजगी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि एनडीए में कहीं कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विजय सिन्हा संगठन से जुड़े एक मजबूत और अनुभवी व्यक्ति हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में पूरा एनडीए गठबंधन एकजुट है और सरकार पूरी मजबूती के साथ जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

​पर्यावरण संरक्षण: एक पेड़ मां के नाम

​पर्यावरण सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल अब एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है। वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

​बाढ़ की समस्या पर समाधान की रूपरेखा

​बिहार में बाढ़ की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के प्रबंधन के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। नदी जोड़ो परियोजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नदियों का प्रवाह है वहां जलस्तर बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हालांकि सरकार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। मौजूदा योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, और जो काम अधूरे हैं उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाढ़ राहत कार्यों को लेकर सरकार ने ठोस योजनाएं बनाई हैं।

​बक्सर के गोकुल जलाशय पर ठोस कार्रवाई का वादा

​जनसुनवाई के दौरान बक्सर के गोकुल जलाशय से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में वे इस पर टिप्पणी करने के बजाय पहले विभाग से पूरी रिपोर्ट मंगाएंगे। संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेने के बाद ही जलाशय के विकास और समस्या के निराकरण के लिए उचित निर्णय लिया जाएगा।