कैमूर। बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय टाइगर ने कैमूर के मोहनिया स्थित पनास होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने राज्य के अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अपराधियों को तीन टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास अब केवल तीन ही रास्ते बचे हैं या तो वे पूरी तरह से अपराध का रास्ता छोड़ दें, बिहार की सीमा से बाहर चले जाएं, अन्यथा जहन्नुम जाने के लिए तैयार रहें। सरकार किसी भी कीमत पर अमन-चैन से समझौता नहीं करेगी।
विपक्ष पर तीखा हमला: तेजस्वी को बताया ‘विफल नेता’
प्रेसवार्ता के दौरान संजय टाइगर ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और उन्हें एक विफल विपक्ष करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव एक जिम्मेदार और सक्रिय नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह असमर्थ साबित हुए हैं। जब भी राज्य में बजट सत्र जैसा महत्वपूर्ण समय आता है या जनता को उनकी जरूरत होती है, वे अक्सर देश से बाहर विदेश भ्रमण पर चले जाते हैं। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि इंसान को हमेशा अपनी असल हैसियत और ‘साइज’ के हिसाब से ही सपने देखने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से विपक्ष के पास नेता प्रतिपक्ष का दर्जा बचाए रखने के लिए जरूरी 25 विधायक भी एकजुट नहीं हैं।
वैश्विक तनाव और ईंधन संकट
देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और संभावित किल्लत के सवाल पर विधि मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने भूमंडलीकरण का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर होने वाली किसी भी उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए अमेरिका और इराक के बीच जारी मौजूदा सैन्य व कूटनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए उन्होंने आम जनता से प्रधानमंत्री के ईंधन बचत अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने नागरिकों को पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाने की सलाह दी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईंधन की बचत हो सके।
’सहयोग शिविर’ से आम जनता को राहत
अंत में, मंत्री ने बिहार सरकार की ‘सहयोग शिविर’ योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, पंचायत स्तर पर इन शिविरों का आयोजन कर आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निपटारा किया जा रहा है। संजय टाइगर ने चेतावनी दी कि यदि जन शिकायतों के निवारण में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही सामने आई, तो उनके खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर नागरिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।

