पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय में एक बार फिर जनसुनवाई कार्यक्रम की भव्य शुरुआत हुई। इस दौरान बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों ने शिरकत की और जनता की शिकायतों का मौके पर निपटारा किया। हालांकि, इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की रही, जिसमें उन्होंने देशवासियों से संसाधनों की बचत और फिजूलखर्ची रोकने का आग्रह किया है।

​खुद से की शुरुआत: आधी की गाड़ियों की संख्या

​उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने प्रधानमंत्री की अपील का पुरजोर समर्थन करते हुए एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से आधी कर दी है। विजय चौधरी ने कहा, मैंने तय किया है कि अब केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही सरकारी यात्राएं करूंगा। उनके इस कदम का अनुसरण करते हुए मंत्री शीला मंडल ने भी स्पष्ट किया कि वे अब केवल एक ही गाड़ी का इस्तेमाल करेंगी, ताकि ईंधन और सरकारी संसाधनों की बचत हो सके।

​देशहित में ‘सुझाव’ को समझना जरूरी

​विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोई तानाशाही आदेश नहीं दिया है, बल्कि एक अभिभावक की तरह देशहित में सुझाव और अपील की है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संसाधनों की बचत से न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा भी बचेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग इस पहल का विरोध कर रहे हैं, वे देश की आर्थिक सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं।

​महिलाओं से विशेष अपील: एक साल न खरीदें सोना

​इस दौरान मंत्री शीला मंडल ने महिलाओं से एक भावुक और रणनीतिक अपील की। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए महिलाएं कम से कम एक वर्ष तक सोना खरीदने से परहेज करें। उनका मानना है कि सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जिसे बचाकर देश के विकास में लगाया जा सकता है।

​भ्रष्टाचार और शराबबंदी पर कड़ा रुख

​शिक्षा मंत्री पर लग रहे आरोपों पर विजय चौधरी ने दो टूक कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से कोई दोषी साबित नहीं होता। उन्होंने चुनौती दी कि यदि किसी के पास पुख्ता सबूत हैं, तो वे सामने लाएं; सरकार मुकम्मल जांच कराने के लिए तैयार है। वहीं, विकास भवन में शराब की बोतलें मिलने की घटना पर उन्होंने साफ किया कि बिहार में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाला कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
​अंत में, उन्होंने दोहराया कि जनसुनवाई कार्यक्रम अब निरंतर जारी रहेगा, जिसमें हर दिन अलग-अलग मंत्रियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद बना रहे।