कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य में अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक, सामाजिक और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और नई नियुक्तियां
विभाग द्वारा प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य के प्रत्येक प्रखंड स्तर पर अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय संचालित किए जाएंगे। इसके लिए 70वीं BPSC के तहत जिला और प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, तथा आगामी 71वीं BPSC के माध्यम से भी नई बहाली की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके साथ ही, 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी और 459 निम्नवर्गीय लिपिक के पदों पर नियुक्ति के लिए प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
मदरसा आधुनिकीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत राज्य के 68 मदरसों में निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिनमें से 18 मदरसों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा भी हो चुका है। मदरसों में पारंपरिक तालीम के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल और वर्चुअल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऑनलाइन/स्मार्ट क्लास और साइंस लर्निंग प्रोजेक्ट के जरिए आधुनिक शिक्षा प्रणाली को धरातल पर उतारा जा रहा है।
इसके अलावा, मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में 5 नए सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें अनुवाद, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल और मोबाइल टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, खेल सामग्री और खेलकूद गतिविधियों के विकास हेतु 597.62 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि भी स्वीकृत की है।
निःशुल्क कोचिंग और रोजगारपरक प्रशिक्षण
अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, बीपीएससी और बैंकिंग जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए राज्यभर में 111 नए कोचिंग केंद्र खोले जाएंगे। इसके साथ ही, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 18 जिलों में पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरामेडिकल, कंप्यूटर और मोबाइल टेक्नोलॉजी जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
आवासीय विद्यालयों का विस्तार और बुनियादी ढांचा
राज्य के अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभाग ने कई नई योजनाएं तैयार की हैं। इसके तहत राज्यभर में 24 नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया जाएगा, जिससे किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, मधुबनी और सीतामढ़ी समेत कई जिलों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें से चार नए आवासीय विद्यालयों (मुजफ्फरपुर, सारण, बेगूसराय और मुंगेर) के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है, और वर्ष 2026-27 से इन पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
साथ ही, शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 481 माध्यमिक और 288 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में TRE-4.0 के माध्यम से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। व्यवस्था में पूरी तरह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में आरटीआई (RTI) और लोक शिकायत निवारण प्रणाली को भी सख्ती से लागू कर दिया गया है।


