कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में इन दिनों शिक्षा विभाग की नीतियों और मॉडल स्कूलों के रंग-रूप को लेकर राजनीतिक पारा काफी हाई है। विपक्षी दलों द्वारा राज्य सरकार पर मॉडल स्कूलों के भवनों को भगवा रंग से रंगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस पूरे विवाद के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधान पार्षद और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉडल स्कूलों के रंग और नामकरण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पूरी तरह निराधार हैं और राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा किया जा रहा है।

​मॉडल स्कूलों के रंग और नामकरण पर JDU का स्पष्ट रुख

​विपक्षी दलों के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि हर बात में भगवाकरण तलाशने की आदत विपक्ष की पुरानी हो चुकी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मॉडल स्कूलों का रंग या उनका नामकरण किसी विशेष विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से पारदर्शी और स्थापित नियमों के तहत तय किया जा रहा है।

  • ​जमीन दाताओं का सम्मान: स्कूलों के नामकरण को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दानदाताओं या महानुभावों ने अपनी जमीन विद्यालय के निर्माण के लिए दान दी है, नियमानुसार उन्हीं के नाम पर उन संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं की जा रही है।
  • ​चरवाहा विद्यालय पर तंज: राजद के शासनकाल पर कटाक्ष करते हुए JDU प्रवक्ता ने पुराने दिनों की याद दिलाई और पूछा कि क्या उस दौर के चरवाहा विद्यालयों का रंग याद है? उन्होंने कहा कि उस समय किस प्रकार की व्यवस्था थी, यह जनता भली-भांति जानती है। केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना विपक्ष की फितरत बन गई है।
  • ​शिक्षा विभाग की नियमावली: नीरज कुमार ने जोर देकर कहा कि राज्य में शिक्षा विभाग की जो नियमावली और प्रशासनिक निर्देश तय हैं, कार्य उसी के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। रंग-रोगन या बुनियादी ढांचे का विकास किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

​बंटी यादव मामले पर प्रशासन का पक्ष और राजनीति से बचने की सलाह

​मॉडल स्कूल विवाद के अलावा, नीरज कुमार ने बंटी यादव से जुड़े एक सवाल का भी सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस का आधिकारिक अन्वेषण (इन्वेस्टमेंट) जारी है और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वह शराब तस्करी जैसे अवैध मामलों में संलिप्त रहे हैं।

  • ​प्रशासनिक स्तर पर बात रखने की सलाह: JDU प्रवक्ता ने दो टूक कहा कि यदि किसी व्यक्ति या दल को पुलिसिया कार्रवाई या जांच की प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है, तो उन्हें हवा में बयानबाजी करने के बजाय सीधे तौर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष साक्ष्य के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
  • ​मुद्दों के राजनीतिकरण पर रोक: उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हर बात का राजनीतिकरण करने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकलता है। बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करना और जनता को भ्रमित करना विपक्ष की पुरानी नीति है, लेकिन बिहार की जागरूक जनता सब कुछ बहुत करीब से देख रही है और सही समय पर इसका जवाब भी देगी।