पंकज श्रीवास्तव/छपरा। सारण जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी वारदात का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। बीते दिनों वकील पिता-पुत्र हत्याकांड के एक अहम गवाह को अपराधियों ने निशाना बनाते हुए गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज मामले में सारण पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसके परिणामस्वरुप पुलिस ने चार अपराधियों को धर दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।

​एसएसपी विनीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी

​इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विनीत कुमार ने मुफस्सिल थाना परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने चारों अभियुक्तों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की।
​एसएसपी ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि गत 29 जून की रात्रि को पीड़ित पंकज राय और मनीष राय एक शादी समारोह से अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान मेथवालिया के समीप घात लगाए बैठे कुछ बाइक सवार अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस जानलेवा हमले में पंकज राय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

​गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और पुलिसिया कार्रवाई

​घटना के बाद हरकत में आई सारण पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में निम्नलिखित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है:

  • ​नंदन उर्फ करीमन (पिता – अजीत राय) – जो इस कांड का मुख्य शूटर बताया जा रहा है।
  • ​निखिल कुमार (पिता – सवाली सिंह)
  • ​कुंदन कुमार (पिता – विनोद सिंह)
  • ​अंकित कुमार (पिता – राम प्रवेश सिंह)
  • ​ये सभी गिरफ्तार आरोपी चनचौरा गांव, थाना मुफस्सिल, सारण के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।

​हथियार और अन्य सामग्रियां जब्त

​पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से गंभीर अपराध में इस्तेमाल किए गए कई साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी अभियुक्तों को विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

​पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

​इस अंधे कत्लकांड का खुलासा करने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मुफस्सिल थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों केौसलों पर लगाम लगेगी और न्याय व्यवस्था में गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी एक सकारात्मक संदेश गया है।