Weather update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस वर्ष 2026 में चार दिन पहले ही दस्तक दी, लेकिन पूरे राज्य में सक्रिय होने में इसे 19 दिनों का लंबा समय लग गया। इस दौरान उत्तर बिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि दक्षिण बिहार भीषण गर्मी और उमस की चपेट में रहा।
जून का सूखा और जुलाई का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है और सामान्य से 46% कम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई में भी सामान्य वर्षा (340.5 मिलीमीटर) से कम होने की संभावना है। उत्तर बिहार में बारिश की स्थिति बेहतर रहने का अनुमान है, जबकि दक्षिण बिहार के मध्य और पश्चिमी इलाकों में बारिश का अभाव बना रहेगा।
उमस भरी गर्मी और तापमान का प्रभाव
जुलाई में तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस रहने का सामान्य अनुमान है। हालांकि, दक्षिण बिहार में यह 36 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मानसून के दौरान 36 डिग्री का तापमान भी 40 डिग्री जैसी उमस भरी गर्मी का अहसास कराता है। राहत की बात यह है कि गुरुवार को किसी भी जिले में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना नहीं है।
आज का अलर्ट: मेघगर्जन और भारी बारिश
गुरुवार (2 जुलाई) के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है:
- भारी बारिश का अलर्ट: कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण।
- येलो अलर्ट (मेघगर्जन व तेज हवा): पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, सिवान, अररिया, दरभंगा, किशनगंज, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, सुपौल और वैशाली। इन क्षेत्रों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।
बुधवार की स्थिति
बुधवार को उत्तर बिहार के गोपालगंज में 92.8 मिमी, पूर्वी चंपारण में 86.2 मिमी, मुजफ्फरपुर में 71.6 मिमी और समस्तीपुर में 68.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। पटना में हल्की बारिश के बावजूद उमस बनी रही। राज्य में भभुआ का तापमान सर्वाधिक 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पटना में पारा 36.3 डिग्री पर रहा। दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना के बीच उमस भरी गर्मी का दौर जारी रहेगा।

