पटना। बिहार की एनडीए सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर पटना के बीआईटी मेसरा कैंपस में आयोजित राज्यस्तरीय विकास उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11,464 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ के नारे के साथ सरकार ने अपनी उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड और एक विशेष बुकलेट जारी की है। इसके साथ ही उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए डिजिटल और प्रिंट प्रचार रथों को भी रवाना किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: एलएनजेपी में 400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का लोकार्पण
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का दौरा किया। यहां उन्होंने 215 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 400 बेड वाले आधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। इसके अलावा, राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 400 पीएम ई-बस और डीलक्स बसों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
सुशासन और जन कल्याणकारी योजनाएं
सरकार ने अपने 100 दिनों के कामकाज में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है:
- सहयोग कार्यक्रम: पंचायत स्तर पर चलाए गए सहयोग शिविरों के माध्यम से 5.6 लाख से अधिक जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया है।
- कानून-व्यवस्था: सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए थानों को नए वाहन उपलब्ध कराने के साथ ही ‘पुलिस दीदी’ विंग की शुरुआत की गई है।
- बिहार पेंशन दिवस: सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हर महीने की 10 तारीख को ‘बिहार पेंशन दिवस’ घोषित किया गया है, जिसके तहत लगभग 97 लाख लाभार्थियों के खातों में सीधे पेंशन राशि भेजी जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल और विक्रमशिला का पुनर्जीवन
शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 551 मॉडल स्कूलों और 211 नए डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जा चुका है। अगले पांच वर्षों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाएगा ताकि राज्य के हर छात्र को स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके साथ ही, युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू कर दी गई है तथा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर एक विशेष शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी।
प्राचीन गौरव को वापस लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्जीवन के लिए 120 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, ताकि इसे नालंदा विश्वविद्यालय की तर्ज पर एक विश्वस्तरीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
नेतृत्व और विजन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन सभी सफलताओं का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के ‘विकसित बिहार’ के सपने को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ लगातार धरातल पर काम कर रही है।


