Bihar news: बिहार सरकार राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। आज से प्रदेश के 211 प्रखंडों में नवनिर्मित डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को उनके घर के समीप ही उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।

​उद्घाटन और तैयारी

इस ऐतिहासिक पहल का आधिकारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित कासिल गांव से किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने उद्घाटन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए भागलपुर में कैंप कर रहे हैं।

​फिलहाल किराए के भवनों में संचालित होंगे कॉलेज

प्रत्येक डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। हालांकि बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार होने तक ये कॉलेज फिलहाल किराए के भवनों या उपलब्ध सरकारी भवनों में संचालित किए जाएंगे। वर्तमान में इन कॉलेजों में अध्यापन का कार्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के माध्यम से शुरू किया जा रहा है।

​3687 असिस्टेंट प्रोफेसरों की जल्द होगी नियुक्ति

शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने ठोस रणनीति तैयार की है। बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन (BSUSC) के माध्यम से 3687 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को स्थायी शिक्षक मिल सकेंगे।

​60 हजार से अधिक छात्रों ने लिया प्रवेश

इन नए डिग्री कॉलेजों को लेकर छात्रों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 60 हजार से अधिक छात्र इन कॉलेजों में नामांकन करा चुके हैं। सबसे अधिक नामांकन मुंगेर विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले 40 से अधिक कॉलेजों में हुए हैं। छात्रों की पसंद पर गौर करें तो हिंदी और इतिहास जैसे विषयों में सबसे अधिक रुचि देखी गई है।
​यह कदम न केवल साक्षरता दर को बढ़ाएगा बल्कि बिहार के युवाओं को उनके अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।