पटना। ​बिहार के 29 जिलों में सहकारिता के सबसे निचले स्तर यानी प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। सोमवार, 20 अप्रैल को 363 पैक्सों के अध्यक्ष और प्रबंध समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा। राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने चुनाव को लेकर सभी सुरक्षात्मक और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

​11 पैक्सों में चुनाव स्थगित

​निर्वाचन प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया है। मतदाता सूची में विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण 11 पैक्सों में चुनाव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार के संयुक्त सचिव कयूम अंसारी ने स्पष्ट किया कि त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित करने के बाद ही इन क्षेत्रों में मतदान की नई तिथि घोषित की जाएगी।

​कंट्रोल रूम: 24 घंटे कड़ी निगरानी

​पटना के सहकार भवन में एक अत्याधुनिक ‘हेल्पलाइन सह कंट्रोल रूम’ स्थापित किया गया है। चुनाव में किसी भी प्रकार की बाधा या गड़बड़ी को रोकने के लिए कर्मियों की तैनाती तीन पालियों में की गई है:

  • ​प्रथम पाली: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक।
  • ​द्वितीय पाली: दोपहर 2:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
  • ​तृतीय पाली: रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक।

​जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि चुनाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​अनाज खरीद पर पड़ा चुनावी साया

​पैक्सों में चुनावी गहमागहमी का असर सीधे तौर पर रबी फसलों की सरकारी खरीद पर दिख रहा है। वर्तमान में मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों की खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गई है। चूंकि पैक्स अध्यक्ष और समितियां चुनाव में व्यस्त हैं, इसलिए गेहूं की खरीद भी अब तक नाममात्र ही हो पाई है। राज्य सरकार ने इस बार पहली बार MSP पर दलहन और तिलहन खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसके चुनाव बाद गति पकड़ने की उम्मीद है।

​मतदाता सहायता और शिकायत

​मतदाता किसी भी प्रकार की धांधली या डराने-धमकाने की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 7979951297 पर कर सकते हैं। मतदान मुख्य रूप से पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और सारण सहित 29 प्रमुख जिलों में संपन्न होगा।