Bihar news: बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा संचालित ‘पिंक बस’ सेवा ने अपनी उत्कृष्टता और महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा ली है। इस सेवा को प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड-2026’ के लिए चुना गया है, जो न केवल परिवहन विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि बिहार के सुशासन और महिला सशक्तिकरण मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है।

​सुरक्षा और सम्मान की एक नई पहल

​महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पिंक बस’ सेवा आज बिहार की पहचान बन चुकी है। यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जो रोज़ाना शिक्षा, नौकरी या अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकलती हैं। छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और सरकारी-निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए यह सेवा सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।

​बिहार के प्रमुख शहरों में सुदृढ़ नेटवर्क

​वर्तमान में, यह पिंक बस सेवा बिहार के प्रमुख शहरों पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, भागलपुर और पूर्णिया में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। कुल 100 बसों का यह बेड़ा न केवल यात्रियों की संख्या में वृद्धि कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के प्रति महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। बसों के भीतर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि महिलाएं बिना किसी संकोच या भय के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

​स्कॉच अवार्ड: सुशासन और नवाचार का सम्मान

​स्कॉच अवार्ड को देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार मुख्य रूप से सुशासन, नवाचार, सामाजिक विकास और जनहितैषी सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठनों को प्रदान किया जाता है। स्कॉच ग्रुप द्वारा आयोजित बहुस्तरीय और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद बिहार की इस परियोजना को चुना गया है। यह पुरस्कार आगामी 20 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 108वें स्कॉच समिट में प्रदान किया जाएगा।

​प्रेरणा बना बिहार का मॉडल

​परिवहन सचिव राज कुमार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी टीम के समर्पण और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी बिहार सरकार नागरिकों को आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
​बिहार का यह ‘पिंक बस’ मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन गया है। यह साबित करता है कि सही नीति और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ जनहित की सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। 20 जून को राष्ट्रीय मंच पर जब बिहार की इस परियोजना को सम्मानित किया जाएगा, तो यह राज्य के लिए गौरव का एक और महत्वपूर्ण क्षण होगा।