अजय शास्त्री/ बेगूसराय। बिहार की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई। इस निर्णय के विरोध में मटिहानी से राजद विधायक बोगो सिंह (नरेंद्र सिंह) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे बदले की भावना और हिटलरशाही करार दिया है।
विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश
विधायक बोगो सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि सरकार राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा चुनाव के समय जनता का वोट चुराया गया जीविका दीदियों के वादे पूरे नहीं किए गए और विधवा-वृद्धा पेंशन भी तीन माह से अटकी है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सरकार जानबूझकर लालू परिवार की सुरक्षा हटाकर जनता का ध्यान भटका रही है।
आवास खाली कराने के नोटिस पर गुस्सा
लालू परिवार को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से नाटक था। जब परिवार दिल्ली और सिंगापुर में था तब प्रशासनिक दबाव में घर खाली कराने का प्रयास किया गया। विधायक ने स्पष्ट किया यदि हमारे नेता का आदेश हुआ तो हम सभी राजद विधायक बिना किसी देरी के सरकारी बंगले खाली कर देंगे और सुरक्षा गार्ड वापस कर देंगे। हम जनता द्वारा चुने गए हैं और जनता के बीच रहकर ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा की मांग
बोगो सिंह ने सुरक्षा सलाहकार समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा देने में भेदभाव नहीं होना चाहिए। पू्र्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए रनवे तक गाड़ी जाने की सुविधा है जबकि बीमार लालू जी के लिए अलग मापदंड क्यों? बिहार किसी की जागीर नहीं 14 करोड़ जनता की है। मुख्यमंत्री को जाति-धर्म का चश्मा उतारकर एक निष्पक्ष प्रशासक की तरह सोचना चाहिए।
अंत में राजद विधायक ने सरकार को चेतावनी दी कि सुरक्षा और बंगले का मोह उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता का यह तानाशाही रवैया लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और वे जनहित के मुद्दों पर लगातार सरकार को घेरते रहेंगे।

