Bihar news: बिहार में पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब लोगों को गंगा नदी पार करने और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए केवल सड़क मार्ग या नाव पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वाराणसी की तर्ज पर बिहार में भी हवा में सैर कराने वाले आधुनिक रोपवे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो राज्य में पहले से दो रोपवे संचालित हैं, चार का निर्माण कार्य चल रहा है, और अब दो नए रोपवे की घोषणा के बाद इनकी कुल संख्या आठ हो जाएगी। आइए जानते हैं इन दो प्रमुख नए रोपवे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से।
1. पटना के मरीन ड्राइव से सोनपुर हरिहर नाथ मंदिर तक रोपवे
बिहार की राजधानी पटना से सटे सोनपुर जाना अब और भी ज्यादा आसान और रोमांचक होने वाला है। बिहार सरकार ने पटना के मरीन ड्राइव से सीधे सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहर नाथ मंदिर तक एक आधुनिक रोपवे के निर्माण का प्रोजेक्ट तैयार किया है।
- दूरी और सफर: मरीन ड्राइव से हरिहर नाथ मंदिर की कुल दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। इस रोपवे के बनने से यात्री चंद मिनटों में गंगा नदी पार कर सकेंगे।
- अनुभव और तकनीक: यह प्रोजेक्ट वाराणसी के रोपवे की तरह फ्लैट और अत्याधुनिक होगा, जिससे यात्रियों को हवा में चलने का अनूठा अहसास होगा।
- आर्थिक विकास: इस परियोजना से सोनपुर, हाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सरकार द्वारा प्रस्तावित 33,000 एकड़ की ‘हरिहरनाथपुर’ सैटेलाइट टाउनशिप को भी इससे मजबूती मिलेगी।
2. भागलपुर के कहलगांव में गंगा के टापुओं तक रोपवे
बिहार का दूसरा नया रोपवे भागलपुर जिले के कहलगांव में गंगा नदी के बीच स्थित खूबसूरत पहाड़ी टापुओं के लिए बनेगा। इन टापुओं पर कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं, जिनका एरियल व्यू बेहद मनमोहक होता है।
- मौजूदा स्थिति: वर्तमान में इन टापुओं तक पहुंचने के लिए केवल नाव ही एकमात्र साधन है।
- प्रमुख धार्मिक स्थल: इन टापुओं पर शांति बाबा मंदिर, पंजाबी बाबा मंदिर, बंगाली बाबा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, संतमत सत्संग, गंगा मंदिर, अष्टावक्र मंदिर और प्रसिद्ध बाबा बटेश्वरनाथ शिव मंदिर स्थित हैं।
- पर्यटन को बढ़ावा: इस रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचना बेहद सुरक्षित और सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व गति मिलेगी।


