भागलपुर। बिहार में जनसमस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निपटारे के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत हो चुकी है। पहले ही दिन राज्य के अलग-अलग जिलों से प्रशासन की मुस्तैदी और जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता के भारी आक्रोश की तस्वीरें सामने आईं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इसकी कमान संभाली, तो वहीं भागलपुर में गंगा कटाव से नाराज ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक की गाड़ी रोककर जमकर हंगामा किया। इसके अलावा बेगूसराय में एक मंत्री का वीआईपी काफिला चर्चा का केंद्र बना रहा।

​सोनपुर में मुख्यमंत्री ने निपटाईं शिकायतें

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर की डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का उद्घाटन किया। शिविर के दौरान मुख्यमंत्री के सामने कुल 67 शिकायतें आईं, जिन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उन्होंने सभी मामलों का निपटारा करने का दावा किया।
​हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से रवाना होते ही एक अजीब स्थिति पैदा हो गई। अधिकारियों ने महज एक घंटे के भीतर ही शिविर को समेटना शुरू कर दिया और पंडाल हटा दिया गया। इसके बाद अपनी फरियाद लेकर पहुंचे दूर-दराज के लोग परेशान हो गए कि वे अपनी समस्या किसे बताएं। हालांकि, जब मामला बढ़ा और लोगों ने नाराजगी जताई, तो कुछ देर बाद अधिकारी दोबारा शिविर में लौट आए।

​भागलपुर में लोजपा विधायक का घेराव

​सबसे तनावपूर्ण स्थिति भागलपुर के सबौर प्रखंड अंतर्गत मामलखा पंचायत में देखने को मिली। यहां सहयोग शिविर में शामिल होने पहुंचे नाथनगर से लोजपा (आर.) विधायक मिथुन यादव को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। नदी के तेज कटाव से परेशान ग्रामीण इतने आक्रोशित थे कि वे विधायक की गाड़ी के आगे खड़े हो गए और करीब 10 मिनट तक उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखा।

​ग्रामीणों का आरोप: मानसून आने में कुछ ही दिन बचे हैं और गंगा का जलस्तर बढ़ते ही फिर से तबाही शुरू हो जाएगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधि केवल कोरे आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीन पर कटावरोधी काम बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है।

​भारी हंगामे और विरोध के बीच विधायक मिथुन यादव ने जनता को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने स्वीकार किया कि कटावरोधी कार्य की गति धीमी है और ग्रामीणों की चिंता पूरी तरह जायज है। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे तीन दिन बाद खुद मौके पर आकर स्थिति का मुआयना करेंगे। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए कहा कि अपनों के बीच ऐसा आक्रोश होना स्वाभाविक है, लेकिन समस्या का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है।

​बेगूसराय में 15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे मंत्री

​इसी अभियान के तहत बेगूसराय में भी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यहां सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पहुंचे। लेकिन शिविर में उनकी एंट्री आम जनता की समस्याओं से ज्यादा उनके भारी-भरकम वीआईपी कल्चर को लेकर चर्चा में आ गई, क्योंकि मंत्री जी 15 गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ आयोजन स्थल पर पहुंचे थे।