अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। जिले से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। करगहर क्षेत्र के सिरसिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर महादलित परिवार के मासूम बच्चों के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बच्चों के लिए भेजे गए पोशाक को सेविका और सहायिका ने बच्चों को पहनाया, उनकी फोटोग्राफी कराई और काम पूरा होते ही उनके कपड़े वापस उतरवा लिए। इसके बाद बच्चों को उसी हाल में छोड़ दिया गया, जिससे बाल मन की गरिमा को ठेस पहुंची है।

​आरोपों के घेरे में सेविका: ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

​ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकारी ड्रेस आई थी। सेविका ने औपचारिकता पूरी करने और सबूत जुटाने के लिए गांव के अन्य बच्चों को भी बुला लिया। उन्हें ड्रेस पहनाकर तस्वीरें खिंचवाई गईं। आरोप है कि फोटो खिंचवाने के बाद जब बच्चों से कपड़े वापस मांगे गए, तो उन्होंने मना कर दिया। दबाव बढ़ने पर बच्चों के कपड़े जबरन उतार लिए गए। चूंकि सभी पीड़ित बच्चे महादलित परिवार से हैं, इसलिए इस घटना ने तूल पकड़ लिया है।

​सेविका और सहायिका की सफाई: साजिश का दावा

​दूसरी ओर, आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका सुनैना देवी और सेविका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महादलित टोले के जिन परिवारों से सिर्फ एक बच्चे का नामांकन था, वे अपने चार-चार बच्चों को ड्रेस दिलाने ले आए। जब नामांकित बच्चों के अलावा अन्य को ड्रेस देने से मना किया गया, तो अभिभावकों ने खुद ही विरोध स्वरूप अपने बच्चों के कपड़े उतार दिए और वीडियो वायरल कर दिया।
​फिलहाल, सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन इस संवेदनशील मामले पर वरीय अधिकारियों ने अभी चुप्पी साध रखी है।