राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में मुन्नाभाइयों पर बड़ा खुलासा हो सकता है। फर्जी डिग्रियों से डॉक्टर बनने वाले जांच एजेंसियों के रडार पर है। दरअसल, दमोह में तीन फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। इनकी नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से हुई थी। जिसके बाद गंभीर सवाल खड़े हुए थे। वहीं अब प्रदेश के मुन्ना भाई रडार पर है।

एमपी के दमोह जिले में हाल ही में तीन फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों डॉक्टर सरकारी आरोग्य केंद्र और संजीवनी क्लिनिक में काम कर रहे थे। पुलिस ने ग्वालियर निवासी कुमार सचिन यादव, सीहोर निवासी राजपाल गौर और मुरैना निवासी अजय मौर्य को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि इन तीनों का एमबीबीएस डिग्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला है।

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आरोपियों ने 8 से 10 लाख रुपए में फर्जी डिग्री खरीदी थी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से नियुक्ति हुई थी। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच हुआ है। वहीं अब फर्जी डिग्री से डॉक्टर बनने वाले जांच एजेंसियों की रडार पर है।

दमोह जिले के एसपी आनंद कलादगी ने बताया था कि संजीवनी क्लिनिक में फर्जी डिग्री पेश कर नियुक्त होकर आए थे, जब CMHO को संदेह हुआ तो कमेटी गठित की। जिसमें फर्जी होने की बात सामने आई। इसके बाद सीएमएचओ ने जांच प्रतिवेदन कर पुलिस में शिकायत की। जिसके बाद विभिन्न मामले में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। एसपी आनंद कलादगी ने यह भी बताया था कि अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे है, जिनकी तलाश की जा रही है। मामले में कई और फर्जी डॉक्टर रडार में आ सकते है।

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