सुरेश पांडेय, सिंगरौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही वीआईपी कल्चर खत्म करने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सख्त संदेश देते हों, लेकिन सिंगरौली में उनकी ही पार्टी के युवा मोर्चा नेताओं के स्वागत में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल के आरोपों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के सिंगरौली दौरे के दौरान नगर निगम की उस सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा है, जो आमतौर पर शहर की स्ट्रीट लाइट और बिजली सुधार कार्यों में लगाई जाती है।

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आरोप है कि इसी सरकारी वाहन की मदद से बिजली के खंभों पर भाजपा नेताओं के पोस्टर और बैनर लगाए गए। अब इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद जनता सवाल पूछ रही है कि क्या सरकारी संसाधन अब राजनीतिक प्रचार का माध्यम बन चुके हैं? सोमवार रात झोंको सीमा से लेकर बैढ़न तक करीब 23 जगहों पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत को शक्ति प्रदर्शन में बदलने की कोशिश भी दिखाई दी। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे और लंबा काफिला नजर नहीं आया, लेकिन सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल के आरोपों ने पूरे दौरे पर विवाद खड़ा कर दिया है।

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नगर निगम की गाड़ी राजनीतिक बैनर लगाने में इस्तेमाल हुई, तो इसकी अनुमति किसने दी? क्या सरकारी कर्मचारियों को भी राजनीतिक कार्यक्रमों में लगाया गया? और अगर यह नियम विरुद्ध है तो कार्रवाई किस पर होगी? हैरानी की बात यह भी रही कि पूरे मामले पर नगर निगम कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे मामले को लेकर और संदेह गहरा गया है। वहीं भाजयुमो जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का दौरा युवाओं को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

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