बिहार पुलिस में दारोगा (SI) बनने की राह देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार और लंबा हो गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। 1799 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की नई तारीख तय न होने के कारण मंगलवार को अभ्यर्थियों ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे इन युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाने की पुरजोर मांग की।
स्थगन से बढ़ा भविष्य का संकट
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा सितंबर और अक्टूबर के महीने में प्रस्तावित PET और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को अचानक स्थगित किए जाने के बाद मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि वे पिछले तीन से चार महीनों से इस कठिन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। मुख्य परीक्षा में सफलता मिलने के बाद से ही वे मैदान में लगातार पसीना बहा रहे थे, लेकिन अगले चरण के अचानक रुक जाने से उनका भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।
निरंतर अभ्यास और मानसिक तनाव
शारीरिक दक्षता परीक्षा इस पूरी भर्ती प्रक्रिया का एक बेहद अहम चरण है, जिसके लिए अभ्यर्थी दिन-रात एक कर रहे थे। दौड़, ऊंची कूद और अन्य शारीरिक मापदंडों को पूरा करने के लिए वे रोज घंटों मैदान में अभ्यास कर रहे थे। परीक्षा के इस तरह अनिश्चितकाल के लिए टल जाने से उनकी महीनों की कड़ी मेहनत और मानसिक स्थिति दोनों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। अभ्यर्थियों की दोटूक मांग है कि आयोग जल्द से जल्द नई तारीखों का ऐलान करे ताकि उन्हें आगे की तैयारी के लिए एक स्पष्ट समयसीमा मिल सके।
गृह विभाग के आदेश से लगी रोक
सूत्रों के अनुसार, गृह विभाग की ओर से जारी एक निर्देश के बाद बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने सितंबर-अक्टूबर में आयोजित होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा और उसके बाद होने वाले डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन पर रोक लगा दी थी। आयोग ने यह तो स्पष्ट किया था कि नई तिथियों की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी, लेकिन तय समय पर अपडेट न मिलने के कारण छात्रों का धैर्य जवाब दे गया है।
गर्दनीबाग आंदोलन की सुगबुगाहट
गौरतलब है कि दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर विवादों का सिलसिला पहले से ही जारी है। इससे पहले गर्दनीबाग में चले छात्र आंदोलन के दौरान भी अभ्यर्थियों ने मुखर होकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में अनियमितता और गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। ताजा प्रदर्शन ने इस पूरे मामले को एक बार फिर तूल दे दिया है।


