बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में पटना में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने लघु जल संसाधन विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की है, वहीं दूसरी तरफ गया में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में एक होटल समूह पर दबिश दी है। दोनों ही मामलों में वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्तियों के खुलासे की बात सामने आ रही है।

​सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पांच ठिकानों पर एसवीयू की रेड

​बिहार के लघु जल संसाधन विभाग के छपरा अंचल में तैनात अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। एसवीयू (SVU) की पांच अलग-अलग टीमों ने उनके पटना स्थित कार्यालय और आवास समेत पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, राजेंद्र कुमार पर 3 करोड़ रुपए से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।
​प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इंजीनियर ने हाल ही में मुंबई के पनवेल इलाके में लगभग 75 डिसमिल जमीन खरीदी है, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.75 करोड़ रुपए आंकी गई है। एसवीयू की टीमें इन तमाम संपत्तियों और वित्तीय दस्तावेजों की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही हैं।

​ब्लैकमेलिंग और गिरफ्तारी का एंगल

​इस छापेमारी से ठीक तीन दिन पहले एक अन्य रोचक और गंभीर मामला भी सामने आया था। राजेंद्र कुमार की शिकायत पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उन्हें डरा-धमकाकर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि खुद को ईओयू का अधिकारी बताकर एक फर्जी कॉलर उन्हें जांच फाइल बंद करने के नाम पर लगातार धमकी दे रहा था और भारी रकम की मांग कर रहा था।
​इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ईओयू ने महावीर कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार अमित कुमार और उसके ड्राइवर मंजीत कुमार सिंह को धर दबोचा था। अब एसवीयू यह भी खंगाल रही है कि भ्रष्टाचार के इस पूरे ताने-बाने और ब्लैकमेलिंग के इस खेल के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

​गया में होटल ग्रुप पर ईडी की दबिश

​दूसरी बड़ी कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गया और बोधगया में की गई है। बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में ईडी ने रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े ठिकानों पर शिकंजा कसा है। यह छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है।
​जांच टीम ने कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश से जुड़े परिसरों पर दबिश दी। इस दौरान होटल समूह के दफ्तरों और आवासों से कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और लोन से जुड़े कागजात खंगाले गए। अधिकारियों का मानना है कि बैंक लोन के नाम पर भारी हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, जिसके पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं।