कुंदन कुमार/पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4) के आयोजन को लेकर चल रही अनिश्चितता ने छात्रों का धैर्य तोड़ दिया है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बार फिर प्रदेशव्यापी महाआंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार लगातार छात्रों को झूठे वादों में उलझाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
वादे के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं
दिलीप कुमार ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि TRE 4 के लिए आवेदन जुलाई महीने में जारी कर दिए जाएंगे। वर्तमान में जुलाई का महीना समाप्त होने की कगार पर है लेकिन अभी तक न तो विज्ञापन निकला है और न ही परीक्षा को लेकर कोई आधिकारिक रूपरेखा स्पष्ट की गई है। छात्रों के बीच व्याप्त यह असमंजस सरकार की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
BPSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
छात्र नेता ने बीपीएससी (BPSC) की बदलती नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। कभी प्रीलिम्स और मेन्स दोनों परीक्षाएं लेने की बात की जा रही है तो कभी पदों की संख्या को घटाकर महज 20,000 करने की चर्चा है। दिलीप ने सीधे शब्दों में पूछा क्या मात्र 20,000 पद बिहार के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए पर्याप्त हैं?
उन्होंने परीक्षा की शुचिता पर भी सवाल उठाए। पिछले कई परीक्षाओं में हुए पेपर लीक प्रकरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पेपर लीक न होने की ठोस गारंटी नहीं देती तब तक छात्र इन प्रयोगों को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पेपर लीक होता है तो क्या बीपीएससी इसकी जवाबदेही लेगी या छात्रों को हर्जाना देगी?
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
छात्र नेता दिलीप ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जुलाई समाप्त होने तक TRE 4 की आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो बिहार के छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के वादों की विफलता के खिलाफ यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप लेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

