Bihar News: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल किया है। एसवीयू के एडीजी पंकज दराद ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर रिशु श्री, आईएएस अधिकारी संजीव हंस, संतोष कुमार, पवन कुमार, मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह को इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया गया है।

पूरे नेटर्वक का संचालन करता था रिशु श्री

एसवीयू के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन रिशु श्री करता था। वह अपनी पसंदीदा कंपनियों को सरकारी टेंडर दिलाने के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाता था। इसके बदले संबंधित कंपनियों से 7 से 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए भी किया जाता था। एजेंसी को आरोपियों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों से कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं।

तारिणी दास ने टेंडर दिलाने में निभाई अहम भूमिका

जांच में यह भी सामने आया है कि रिशु श्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कोशी बराज का एक बड़ा टेंडर पहले अहमदाबाद की एक कंपनी को दिलवाया और बाद में उसे पवन कुमार से जुड़ी कंपनी के नाम ट्रांसफर करा दिया। सहरसा, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में टेंडर प्रबंधन का नेटवर्क सक्रिय था। एजेंसी का दावा है कि आरोपी तारिणी दास ने भी कई टेंडर दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

रिशु श्री ने अर्जित की अकूत संपत्ति

एसवीयू के अनुसार, पिछले सात-आठ वर्षों में रिशु श्री ने बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की। पूर्व में हुई छापेमारी के दौरान उसके ठिकानों से 61 संपत्तियों के दस्तावेज और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए गए थे।

जांच के दौरान पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी संजीव हंस ने सुनील कुमार सिन्हा के माध्यम से 90 लाख रुपये गायत्री देवी तक पहुंचाए थे। फिलहाल संजीव हंस और पवन कुमार फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

एसवीयू की जांच जारी

इस मामले में आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। हालांकि अभी तक उनके खिलाफ टेंडर में सीधे हस्तक्षेप के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ साक्ष्य सामने आए हैं। एसवीयू ने दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है और जांच अभी जारी है।

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