कुंदन कुमार, पटना। बिहार में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने स्पष्ट किया है कि बिहार में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने संसद में कानून का समर्थन जरूर किया था, लेकिन तभी यह साफ कर दिया था कि इसे अपने राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। जदयू अपने इस रुख पर अब भी कायम है।
महागठबंधन में तकरार
बिहार विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद और गठबंधन में संभावित दरार पर श्याम रजक ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कोई वैचारिक गठबंधन नहीं था, बल्कि स्वार्थ के तहत बनाया गया गठबंधन था, जिसका जमीन पर कोई वास्तविक मतलब नहीं है।
नाम बदलने की चर्चा पर विराम
आगामी 18 सितंबर को होने वाली जदयू विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बड़ी बैठक को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है। यह पूरी तरह से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें नवनिर्वाचित और मौजूदा सदस्यों को सदन की कार्यवाही, नियमों और सवाल पूछने की तौर-तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही, उन्होंने राज्य या स्थानों के नाम बदलने की किसी भी चर्चा से इनकार किया।
बाढ़ के मुद्दे पर तेजस्वी यादव पर पलटवार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बाढ़ के मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार पर किए गए हमलों का जवाब देते हुए श्याम रजक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एयरकंडीशन कमरों में बैठकर राजनीति करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। यदि उन्हें इतनी ही परेशानी है, तो वे विदेश जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य और केंद्र सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं और लगातार राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।



