Weather update: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मानसूनी टर्फ के बिहार के आसपास सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की पूरी संभावना है।

​इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज-यलो अलर्ट

​मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार आज राज्य के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

  • ​ऑरेंज अलर्ट: बक्सर समेत कुल 5 जिलों में तेज और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • ​यलो अलर्ट: 10 जिलों में सामान्य से मध्यम बारिश की चेतावनी है।
  • ​तेज हवाएं: इन सभी प्रभावित क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • ​अन्य जिले: राज्य के शेष 23 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है, हालांकि अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

​पिछले 24 घंटों का मौसम और एक दर्दनाक हादसा

​बीते 24 घंटों के दौरान पटना, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, कटिहार, जहानाबाद और बांका में बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पटना में 3.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जहां अधिकतम तापमान 30.5°C और न्यूनतम तापमान 26.3°C रहा। हालांकि, बांका जिले में आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, जो खराब मौसम की गंभीरता को दर्शाता है।

​आगे कैसा रहेगा बिहार का मौसम?

  • ​मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 8 अगस्त तक बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।
  • ​8 अगस्त: दक्षिण-पूर्व बिहार के साथ-साथ कटिहार, पूर्णिया और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की संभावना है।
  • ​9 अगस्त: उत्तर बिहार में बारिश का जोर सबसे अधिक रहेगा। इस दिन अररिया, दरभंगा, किशनगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
  • ​राजधानी पटना: पटना में आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।

​बारिश में कमी और मौसम बदलने की मुख्य वजह

​मानसून की स्थिति: इस पूरे मानसून सीजन के दौरान बिहार में अब तक सामान्य से 37% कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले दिनों में कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद है, लेकिन कुल कमी तुरंत पूरी होने के आसार नहीं हैं।
​मौसम का कारण: विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में नमी की प्रचुर मात्रा, दिन की तेज धूप और उमस के कारण वातावरण गर्म हो रहा है। शाम होते-होते नमी वाली हवाएं सक्रिय हो जाती हैं, जिससे बादलों का तेजी से विकास होता है और अचानक गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की स्थिति पैदा होती है।