Weather update: बिहार में भीषण गर्मी और उमस का दौर थमता नहीं दिख रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार का दिन भी उमस भरी तपिश के साथ बीतेगा। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।
बक्सर और कैमूर सबसे गर्म
बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बक्सर और कैमूर राज्य के सबसे गर्म जिले रहे जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। पटना गया सहित अन्य जिलों में भी गर्मी और उमस का प्रकोप बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आज राज्य के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे सीमावर्ती इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
मानसून की स्थिति और बाधाएं
बिहार में मानसून ने दस्तक तो दे दी है लेकिन इसकी प्रगति काफी धीमी है। मानसून की उत्तरी सीमा बिहार तक पहुंच चुकी है लेकिन यह अभी पूरे राज्य में सक्रिय नहीं हुआ है। इसकी मुख्य वजह पंजाब से बिहार तक बनी मौसमी ट्रफ रेखा और निचले स्तर पर चल रही पछुआ हवाएं हैं। ये हवाएं दक्षिण बिहार की तरफ नमी के प्रवाह को बाधित कर रही हैं जिससे बड़े पैमाने पर बादलों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि पिछले दिनों कई जिलों में बादल छाए रहने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हुई।
बाढ़ का खतरा और राहत की उम्मीद
नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर दिखने लगा है। कोसी बराज से सोमवार को 91 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मानसून के सक्रिय होने को लेकर मौसम विशेषज्ञों ने राहत भरी खबर दी है। आकलन के अनुसार, 24 से 26 जून के बीच मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे तेजी आने लगेगी। 27 और 28 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बढ़ता है और पछुआ हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ता है, तो मानसून पूरी तरह से सक्रिय होकर राज्य को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाएगा। पटना की बात करें तो यहां आंशिक बादल रहेंगे लेकिन तापमान 37 से 39 डिग्री के बीच रहने और भारी उमस महसूस होने की आशंका है।

