पटना। बिहार में मानसून की गतिविधियां फिलहाल बनी हुई हैं। आज यानी 17 सितंबर को पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में तेज हवा चलने की संभावना है। पटना में आज न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 17 सितंबर को बिहार में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां हो सकती हैं। दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। जमुई, मुंगेर और नवादा में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
आज कैसा रहेगा मौसम
राजधानी पटना में आज आसमान सामान्यत: बादलों से घिरा रह सकता है। एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। 18 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, हालांकि पटना के लिए उस दिन कोई बड़ी चेतावनी दर्ज नहीं है।
कमजोर होगी बारिश
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में 19 सितंबर से बिहार के लिए कोई बड़ी मौसम चेतावनी नहीं है। 19 से 23 सितंबर तक राज्य के लिए भारी बारिश की चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि अगले दो दिनों के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश हो सकती है। पटना में भी 19 सितंबर को बादल और कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन उसके बाद मौसम अपेक्षाकृत सामान्य होने का अनुमान है। 20 और 21 सितंबर को मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
मानसून की वापसी के संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की वापसी की परिस्थितियां बनना शुरू हो जाती हैं। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बिहार में फिलहाल बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी भारत में नमी का प्रवाह जारी है, जिससे बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन रही है।




बाढ़ प्रभावित इलाकों पर भी नजर
बिहार में बारिश के साथ बाढ़ की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है। इसी बीच केंद्रीय टीम बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची। बारिश की नई गतिविधियों को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और प्रशासन की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।



