लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता अब धीरे-धीरे कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि मौसम विभाग ने प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. पूर्वांचल और दक्षिणी यूपी के कुछ हिस्सों में बुधवार को बादल छाए रहे और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रही.
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पूर्वांचल में आज भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिणी जिलों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है. बारिश के दौरान बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
20 सितंबर से पश्चिमी यूपी में बदलाव
लखनऊ मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में क्रमिक कमी आने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 सितंबर से बारिश कम होने के आसार हैं. इसके बाद 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम के शुष्क होने की संभावना जताई गई है.
मानसूनी द्रोणी से मिल रही नमी
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक वर्तमान मौसम परिस्थितियों के पीछे मानसूनी द्रोणी की स्थिति प्रमुख कारण है. यह द्रोणी सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के निम्न दबाव क्षेत्र से होकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली है. इसके प्रभाव से अरब सागर से नमी यूपी की ओर पहुंच रही है.
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नदियों के आसपास अभी सतर्कता जरूरी
नमी और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वांचल तथा दक्षिणी यूपी में बारिश का दौर जारी है. गोंडा में सरयू नदी के बढ़े जलस्तर से पुल और सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि बदायूं में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है. चंदौली में कुछ बांधों के ओवरफ्लो होने की भी जानकारी सामने आई है.
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक पूर्वी यूपी में बारिश की संभावना बनी रह सकती है.



