US House Passes Bill Imposing 100% Tariff on India: पीएम मोदी के जन्मदिन (PM Modi Birthday) (17 सितंबर) के दिन दोस्त डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत को जोरदार झटका दिया है। भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास हो गया है। बुधवार देर रात अमेरिकी हाउस में सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट बिल-2026 पास हो गया। बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े। यह बिल रूसी तेल (Russian oil)-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार देता है। अमेरिकी हाउस के दोनों सदन से पास होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा जाएगा। ट्रंप के साइन करते ही यह बिल कानून बन जाएगा और फिर भारत पर 00% टैरिफ लागू हो जाएगा।
बिल को आधिकारिक तौर पर लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 (Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) नाम दिया गया है। बिल पर अमेरिकी हाउस में हुई बहस में भारत और चीन को खास तौर पर उन बड़े खरीदारों के तौर पर पहचाना गया है जिन पर इस प्रावधान का असर पड़ सकता है। भारत, चीन के अलावा तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक गणराज्य, यूएई, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।
हालांकि, भारत पर अभी 100% टैरिफ नहीं लगाया गया है। बिल के कानून बनने के बाद ट्रम्प के पास ऐसा टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार हो जाएगा। बिल पास होने के बाद अमेरिकी सांसद माइकल मैककॉल ने कहा कि उन्हें इस बिल के पारित होने पर गर्व है। मैककॉल ने दावा किया कि यह बिल रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करेगा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि बिल रूस के साथ-साथ चीन और ईरान पर भी दबाव बढ़ाने के लिए है।
भारत पर एक और ट्रेड शॉक का खतरा
अमेरिका का मानना है कि रूस का कच्चा तेल व्यापार यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए फंड कर रहा है। यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार देने का भी प्रयास करता है। इस बिल ने भारत-अमेरिका व्यापार और ऊर्जा संबंधों में अनिश्चितता की एक और परत जोड़ दी है। यूक्रेन जंग के बाद वैश्विक ऊर्जा व्यापार में बदलाव के बीच भारत रूसी कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार बना हुआ है। अब नए कानून में एक ऐसा सिस्टम बनाया गया है जिससे रूस से लगातार ऊर्जा खरीदने वाले देशों से जुड़ी अमेरिकी आयात पर भारी टैरिफ लग सकता है। इसलिए यह कानून खुद भारत पर कोई नया टैरिफ नहीं लगाता बल्कि ट्रंप को भविष्य में ऐसा करने के लिए एक और कानूनी अधिकार देता है।
रूसी अधिकारियों, बैंकों पर प्रतिबंध
प्रस्ताव के तहत रूस के अधिकारियों, बैंकों के साथ ही ‘शैडो फ्लीट’ के टैंकरों को निशाना बनाया गया है जो रूसी ऊर्जा की सप्लाई करता है। बिल में ट्रंप को रूस के तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों पर 100% तक टैरिफ लगाने का निर्देश देने का भी प्रावधान है। हालांकि, इसमें उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और जिन्होंने इस आयात को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
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