प्रमोद कुमार/कैमूर। भभुआ से भाजपा विधायक भरत बिंद पर मकान खाली नहीं करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। भभुआ वार्ड नंबर 19 निवासी धर्मेंद्र कुमार केशरी ने इस संबंध में कैमूर के एसपी को आवेदन देकर मामले में जांच और न्याय की मांग की है। वहीं, विधायक भरत बिंद ने मकान मालिक के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही मकान खाली कर दिया था और उन पर किराये का कोई बकाया नहीं है।

विवाद का दावा

मकान मालिक धर्मेंद्र कुमार केशरी के आवेदन के अनुसार, विधायक भरत बिंद उनके मकान में एक फ्लैट किराये पर लेकर रह रहे थे। धर्मेंद्र का कहना है कि उन्हें मकान की मरम्मत करानी थी और बेटी की शादी भी होनी है। इसी वजह से उन्होंने विधायक से मकान खाली करने का अनुरोध किया था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कई बार कहने के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया। मकान खाली करने के लिए कहने पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई। इसके बाद मकान मालिक ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।

पहले ही खाली कर दिया मकान

विधायक भरत बिंद ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वह संबंधित मकान में करीब पांच वर्षों से किरायेदार के रूप में रह रहे थे और उन्होंने समय पर किराये का भुगतान किया है। विधायक के मुताबिक उन पर मकान मालिक का कोई किराया बकाया नहीं है।विधायक ने उल्टा मकान मालिक पर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक बार मकान मालिक ने गेट पर ताला लगा दिया था, जिसके कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा। उन्होंने गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप से भी इनकार किया। भरत बिंद का कहना है कि जिस मकान को लेकर विवाद की बात सामने आई है, उसे उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही खाली कर दिया है। ऐसे में अब मकान खाली नहीं करने का आरोप लगाया जाना सही नहीं है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मामले में मकान मालिक की ओर से एसपी को दिए गए आवेदन और विधायक की ओर से दिए गए बयान में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।