वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहारशरीफ में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासन और दुकानदारों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली है। बिना किसी पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश है और उन्होंने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया है।
रामचंद्रपुर और देवीसराय में निगम का बुलडोजर
बिहारशरीफ नगर निगम की ओर से शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार दूसरे दिन बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। मंगलवार को रामचंद्रपुर और देवीसराय के मुख्य बाजारों में नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया, कई अस्थायी ढांचों को तोड़ा गया और दुकानों के बाहर रखे सामान को जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों से हजारों रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
बिना नोटिस अचानक हुई कार्रवाई
नगर निगम की इस अचानक की गई कार्रवाई से दुकानदारों और निगम कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दुकानदारों का सबसे बड़ा आरोप यह था कि निगम प्रशासन ने उन्हें हटाने से पहले किसी भी प्रकार का कोई नोटिस या चेतावनी नहीं दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से व्यापारियों को अपनी दुकानें समेटने तक का मौका नहीं मिला, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
टैक्स वसूलने पर सुविधाएं न देने का आरोप
आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम उनसे नियमित रूप से टैक्स और शुल्क वसूलता है, लेकिन इसके बदले उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही इस मनमानी कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने यह भी शिकायत की कि कार्रवाई के दौरान उनका सामान तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुकानदारों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे और यदि वहां से न्याय नहीं मिला तो वे न्याय के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण मौके पर कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं घटी, लेकिन दुकानदारों में प्रशासन के प्रति सुलगती नाराजगी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
प्रशासन का पक्ष
दूसरी ओर, नगर निगम के उप नगर आयुक्त शम्स रज़ा ने स्पष्ट किया है कि शहर की मुख्य सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि शहर को व्यवस्थित और जाममुक्त बनाने के लिए यह सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दुकानदारों के विरोध और कानूनी चेतावनी के बाद नगर निगम प्रशासन इस दिशा में क्या नया कदम उठाता है।



