पटना। राजधानी के बिहटा इलाके में लंबे समय से दहशत का पर्याय बने दया दुबे गैंग के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिहटा पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत गैंग के सरगना दया दुबे समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस गिरोह के पकड़े जाने से स्थानीय व्यवसायियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है।
संगठित अपराध पर प्रहार
पटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस गैंग के खिलाफ लगातार रंगदारी मांगने धमकियां देने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और एक विशेष टीम गठित कर घेराबंदी की। इस दौरान गैंग के मुख्य सरगना महुआर निवासी दया दुबे को उसके तीन सहयोगियों के साथ दबोच लिया गया।
गिरफ्तार अन्य अपराधियों की पहचान लाई गांव निवासी ओम सिंह रामतरी निवासी अभिषेक कुमार और रानीतालाब थाना क्षेत्र के निवासी शिवम कुमार के रूप में हुई है। ये चारों लंबे समय से मिलकर इलाके में कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे।
भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
पुलिस की इस छापेमारी में अपराधियों के पास से घातक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक देसी कट्टा एक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इसके अलावा, अपराध की योजना बनाने और लोगों को धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पांच मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। बरामद किए गए इन हथियारों और उपकरणों को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रख लिया गया है।
आगे की कार्रवाई और पुलिस का सख्त रुख
सिटी एसपी ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस की टीम कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान गैंग के अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा हुआ है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिहटा में रंगदारी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी ने क्षेत्र में अपराध जगत में हड़कंप मचा दिया है।

