Bilaspur News Update : बिलासपुर. मां की हत्या करने वाले पुत्र को जिला न्यायालय ने आजीवन कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. उक्त घटना बेलगहना चौकी थाना कोटा अंतर्गत तीन साल पहले की है. इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विजेन्द्र तिवारी ने पैरवी की. 14 नवंबर 2023 को प्रार्थरी दिनेश कोल ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 13 नवंबर 2023 के रात 8 बजे आरोपी शनि कोल, पिता गेंदलाल कोल, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम सक्तीबहरा, चौकी बेलगहना ने मां सुमन बाई की चरित्र शंका को लेकर हत्या कर दी और सुभाष कोल के सिर में संघातिक वार किया है. रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना में ले लिया. विवेचना के दौरान घटनास्थल से लकड़ी का कपड़ा धोने का बैट तथा चार टुकड़ों में टूटा हुआ लकड़ी का डंडा जब्त किया गया. आरोपी शनि कोल को 14 नवंबर 2023 को गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया. इधर आरोपी की मां को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले की सुनवाई न्यायालय-एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेन्द्र सोनवानी की अदालत में हुई. आरोपी शनि कोल को इसमें धारा 307 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना व धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है.
15 दिन तक परिवर्तित मार्ग से चलेगी बरौनी एक्सप्रेस
बिलासपुर. लखनऊ रेल मंडल के जौनपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य किया जाएगा. इसकी वजह से अन्य जोन की ट्रेनों के साथ एसईसीआर जोन से चलने वाली गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस का मार्ग भी परिवर्तित किया जा रहा है, जो 12 से 26 मई यानि 15 दिन तक अन्य स्टेशनों से होकर चलाई जाएगी.
रेलवे प्रशासन की ओर से अधोसंरचना विकास हेतु उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत जौनपुर स्टेशन में यार्ड रिमाडलिंग का कार्य जाएगा. इसकी वजह से 12 से 26 मई तक गोंदिया से चलने वाली गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस व्हाया बाँसापहाड़, ओहन, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, प्रयागराज रामबाग, बनारस, वाराणसी, वाराणसी सिटी, औड़हिार मार्ग होकर बरौनी तक चलेगी.
13 से 27 मई तक बरौनी से चलने वाली गाड़ी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस व्हाया औड़हिार, वाराणसी सिटी, वाराणसी, बनारस, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, ओहन, बाँसापहाड़ मार्ग होकर गोंदिया आएगी. इस दौरान उक्त दोनों गाड़ियां केरावत, जौनपुर, मिर्जापुर, बिंध्याचल, प्रयागराज छिवकी, शंकरगढ़, मानिकपुर स्टेशन नहीं जाएगी.
गैलेक्सी मोटर्स को 15 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश
बिलासपुर. दो पहिया वाहन एजेंसी से परिवादी के पति द्वारा बाइक क्रय कर उसकी पूरी राशि, बीमा प्रीमियम सहित, अदा कर दी गई थी. इसके बावजूद बीमा कंपनी द्वारा दावा भुगतान नहीं किए जाने पर सेवा में कमी मानते हुए परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया.
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने विरोधी पक्षकार क्रमांक-1 को निर्देशित किया है कि वह परिवादी को 15 लाख रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करे. साथ ही मानसिक प्रतिकर के रूप में 10 हजार रुपये एवं वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया गया है. मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह एवं आलोक कुमार पाण्डेय द्वारा की गई. परिवादी राजेश्वरी यादव, पति स्वर्गीय मुकेश कुमार यादव, निवासी ग्राम झपल, तहसील लोरमी ने बताया कि 28 अक्टूबर 2019 को उन्होंने विरोधी पक्ष क्रमांक-1 गैलेक्सी मोटर, बिलासपुर (महाराणा प्रताप चौक, रेलवे फाटक के पास) से हीरो प्रो पैशन मोटरसाइकिल खरीदी थी.
बहन के घर से आते समय हुआ हादसा
घटना के अनुसार, 29 अक्टूबर 2019 की सुबह उनके पति मुकेश कुमार यादव अपनी बहन के घर भाईदूज का भोजन करने गए थे. वापसी के दौरान पाढ़ी से पंडरिया रोड के बीच अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के लिए कवर्धा (कबीरधाम) ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई. दुर्घटना की सूचना जिला अस्पताल से थाना पंडरिया को दी गई, जहां मर्ग क्रमांक 26/2019 दर्ज कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई.
राशि ली पर नहीं कराया बीमा
परिवादी ने बताया कि बाइक खरीदते समय ही बीमा प्रीमियम की राशि ली गई थी, इसलिए वाहन का बीमा कराना विक्रेता की जिम्मेदारी थी. हालांकि, वाहन 28 अक्टूबर 2019 को बेचा गया, जबकि बीमा 4 नवंबर 2019 से प्रभावी किया गया, जिससे दुर्घटना के समय बीमा कवरेज लागू नहीं था. इसी आधार पर आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए विरोधी पक्ष क्रमांक-1 को आदेश दिया कि वह आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर परिवादी को 15 लाख रुपए क्षतिपूर्ति, 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे, साथ ही 10 हजार रुपये मानसिक प्रतिकर और 5 हजार रुपए वाद व्यय भी भुगतान करे.
नदी में कूदकर छात्र ने दी जान
जांजगीर-चांपा. मंगलवार शाम से लापता शिवम के लौट के आने के सारी उम्मीदें उस समय खत्म हो गई जब गुरूवार सुबह कुदरी बैराज के पास पानी में उसका शव दिखा. 40 घंटे से उसकी तलाश की जा रही थी. उसके वाटसएप मैसेज, प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक व दोस्तों से बातचीत से यह अंदेशा था कि उक्त युवक ने कुदरी बैराज से नदी में छलांग लगाई है. परंतु एक आस भी थी कि हो सकता है कि उसने अपना इरादा बदल लिया हो परंतु नियति को यही मंजूर था.
बताते चले कि शंकर नगर निवासी शिवम साहू लायंस स्कूल चांपा में कक्षा 11वीं (गणित) का छात्र था, मंगलवार शाम करीब 4 बजे से लापता था. प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के मुताबिक, शिवम अपने मित्रों से यह कहकर निकला था कि वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाया है, इसलिए वह कुदरी डेम (बैराज) में जान देने जा रहा है. घटना के समय बैराज से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने छात्र को अपना मोबाइल फेंककर पानी में कूदते देखा. चालक ने तुरंत इसकी सूचना वहां तैनात प्लांट के चौकीदार को दी और मंगलवार शाम से ही लापता छात्र की तलाश हो रही थी. जिला आपदा प्रबंधन की टीम व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शाम को अंधेरे के कारण रेस्क्यू बंद किया गया. बुधवार सुबह नदी में नहाने आये लोगों ने उसकी लाश को देखा और इसकी सूचना दी. शव बाहर निकालकर उसे परिजनों को सौपा गया.
जानकारी के अनुसार शंकर नगर चांपा निवासी संतोष साहू के तीन संतान हैं. ये लोग बाहर से आकर यहां फल का व्यवसाय करते है. इसकी बड़ी बेटी यूएस के मेनचेस्टर में मर्चेंट नेवी में काम करती है. बताया जा रहा है कि इस हादसे की खबर उसे नही दी गई थी परंतु सोशल मीडिया में चल रहे खबरों से उसे जानकारी हो गई. बताया जा रहा है कि कोरिया के रास्ते वह भी लौट रही है.
तेंदूपत्ता सीजन की तैयारी तेज, रायगढ़ जिले में 58 हजार मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य
रायगढ़. गर्मी के साथ रायगढ़ जिले के वनांचल क्षेत्रों में तेंदूपत्ता सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं. वर्ष 2026 के लिए जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण का कुल लक्ष्य 58 हजार मानक बोरा निर्धारित किया गया है. लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए वन विभाग और लघु वनोपज समितियों द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं. ताकि संग्रहण कार्य शुरू होते ही प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके. तेंदूपत्ता संग्रहण रायगढ़ जिले के हजारों आदिवासी और वनवासी परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है. हर वर्ष गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार जंगलों से तेंदूपत्ता संग्रहण कर अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं. जिससे घरेलू जरूरतों के साथ आने वाले खेती किसानी सीजन की तैयारियों में भी आर्थिक सहारा मिलता है.
जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए कुल 112 प्राथमिक लघु वनोपज समितियां सक्रिय रहेंगी. इनमें सारंगढ़ क्षेत्र में 12 समितियां, रायगढ़ क्षेत्र में 41 समितियां और धर्मजयगढ़ क्षेत्र में 59 समितियां शामिल हैं. वहीं पूरे जिले में संग्रहण कार्य के लिए कुल 416 फड़ संचालित किए जाएंगे. जहां ग्रामीणों द्वारा संग्रहित तेंदूपत्तों की खरीदी और भंडारण की व्यवस्था रहेगी. वनांचल क्षेत्रों में तेंदूपत्ता सीजन शुरू होने से पहले ही ग्रामीण परिवारों में उत्साह देखा जा रहा है. स्थानीय स्तर पर यह कार्य केवल मौसमी रोजगार नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है. संग्रहण कार्य से जुड़े परिवार एक सीजन में औसतन 15 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर लेते हैं. यही राशि आगे खेती. किसानी, बीज, खाद, घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है. वन विभाग और लघु वनोपज समितियों द्वारा फड़ों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए संग्रहण स्थलों पर पेयजल, छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ताकि संग्रहण कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके. तेंदूपत्ता सीजन को लेकर वनांचल क्षेत्रों में तैयारियों का माहौल बनना शुरू हो गया है.
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