कुंदन कुमार, पटना। सीएम सम्राट चौधरी आज नालंदा दौरे पर थे। हालांकि नालंदा दौरे पर गए सीएम सम्राट चौधरी के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल जिस समय मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंडिंग कर रहा था, उसी दौरान एक पक्षी अचानक उनकी हेलीकॉप्टर के बेहद करीब आ गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ के चलते यह बड़ा हादसा टल गया और सीएम सम्राट का हेलीकॉप्टर सुरक्षित लैंड कराया गया।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। हालांकि सीएम सम्राट चौधरी समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। बर्ड हिट हेलीकॉप्टर के लिए बड़ा खतरा माना जाता है।

विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले का किया उद्घाटन

बता दें कि सीएम सम्राट चौधरी ने नालंदा के राजगीर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मकुंड परिसर में पूजा-अर्चना की तथा महाआरती कार्यक्रम में भी शामिल हुए। 15 जून 2026 तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध मेले में इस वर्ष 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन

मलमास मेला-2026 का उद्घाटन करने के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने ब्रह्मकुंड के समीप नव नालंदा सेवा भारतीय नालंदा द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन भी किया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मलमास मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के आवासन हेतु स्टेट गेस्ट हाउस में तैयार किए गए आवासन स्थल का भी उद्घाटन किया। आवासन स्थल के समीप श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था के लिए संचालित ‘दीदी की रसोई’ का भी उन्होंने शुभारंभ किया।

जानें क्या है पौराणिक मान्यताएं?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास के दौरान राजगीर की पवित्र सरस्वती नदी और ब्रह्मकुंड में एक दिन का स्नान, गंगा नदी में वर्ष भर स्नान करने के समान पुण्यदायी माना जाता है। इसी कारण इस पावन महीने में देश के कोने-कोने से साधु-संत, महात्मा और आम श्रद्धालु मोक्ष और आत्मशुद्धि की कामना लिए राजगीर पहुंचते हैं।

‘शाही स्नान’ की तीन प्रमुख तिथियां

17 मई से शुरू होकर यह ऐतिहासिक मेला 15 जून 2026 तक निरंतर चलेगा। इस एक महीने के दौरान श्रद्धालुओं और नागा संन्यासी सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों के लिए तीन विशेष शाही स्नान आयोजित किए जाएंगे।

प्रथम शाही स्नान: 27 मई 2026 (एकादशी)
द्वितीय शाही स्नान: 31 मई 2026 (पूर्णिमा)
तृतीय शाही स्नान: 11 जून 2026 (एकादशी)

इन विशेष तिथियों पर राजगीर के 22 पवित्र कुंडों और 52 जलधाराओं में स्नान करने के लिए लाखों की संख्या में जनसैलाब उमड़ने का अनुमान है।

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